विशेष ओलंपिक 2023 के लिए शिविर: मल्लिका नड्डा बोलीं- दिव्यांगों की क्षमता समझने को मानसिकता बदलने की जरूरत
मल्लिका नड्डा ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया में एक खेल प्रतिभा वाले देश के रूप में उभर रहा है। इसमें इन खिलाड़ियों की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण है और पूरे देश-समाज को अपने इन खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिए...
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प्रसिद्ध समाजसेविका मल्लिका नड्डा ने कहा है कि दिव्यांग लोगों में कार्य करने की विशेष क्षमता होती है और वे अपनी विशेष पहचान रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के ऐसे क्षमतावान खिलाड़ियों ने बार-बार अपनी प्रतिभा से विश्व के खिलाड़ियों के सामने कठिन चुनौती पेश की है। इन खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को पहचानने के लिए लोगों को अपनी सोच में परिवर्तन करना चाहिए। मल्लिका नड्डा ने यह बात ‘विशेष ओलंपिक विश्व ग्रीष्मकालीन खेल 2023’ के लिए संभावित खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए आयोजित एक सप्ताह के विशेष प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर कही।
मल्लिका नड्डा ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया में एक खेल प्रतिभा वाले देश के रूप में उभर रहा है। इसमें इन खिलाड़ियों की भूमिका बहुत महत्त्वपूर्ण है और पूरे देश-समाज को अपने इन खिलाड़ियों पर गर्व होना चाहिए। कार्यक्रम में 14 राज्यों के 72 एथलीटों और 32 कोचों सहित 104 से अधिक प्रतिभागियों ने टेबल टेनिस में आयोजित राष्ट्रीय कोचिंग शिविर के सफल समापन का जश्न मनाया। मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज़ ने फरीदाबाद द्वारा एसओ भारत के ज्ञान भागीदार के रूप में शिविर की मेज़बानी की।
समारोह के समापन अवसर पर विशेष अतिथि डॉ. मल्लिका नड्डा, डॉ अमित भल्ला, डॉ संजय श्रीवास्तव, लतिका शर्मा और अन्य की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। विशेष ओलंपिक विश्व ग्रीष्मकालीन खेल 2023, बर्लिन जर्मनी के लिए टेबल टेनिस में संभावितों का चयन करने के लिए शिविर आयोजित किया गया था।