जाट समाज ने आरक्षण के लिए भरी हुंकार, आंदोलन की चेतावनी
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर आठ साल से आंदोलन किया जा रहा है। लेकिन, आगामी लोकसभा चुनाव में हम अपने साथियों पर चलाई गई बुलेट का बदला बैलेट से लेंगे। मलिक रविवार को चंदावली इंटर कॉलेज में आयोजित जाट सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जाट समाज के तीन लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। तब कांग्रेस ने जाटों के लिए आरक्षण की घोषणा की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह निष्प्रभावी हो गया। इसके बाद राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में जाट आंदोलन चलाया गया। जाट समाज के 18 लोग मारे गए। भाजपा नेता और मंत्रियों के कहने पर जाट समाज ने आंदोलन छेड़ा और उन्हें जान गंवानी पड़ी, लेकिन आरक्षण नहीं मिल सका। अब उत्तर प्रदेश सरकार ओबीसी के आरक्षण का बंटवारा करने की फिराक में है, जिसे हम हरगिज नहीं होने देंगे। इसके लिए जाट समाज को आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा। सम्मेलन में भाजपा पर जाट राजनीति करने का आरोप लगाया गया। मलिक ने प्रधानमंत्री को वादे से मुकरने वाला बताया।
राष्ट्रीय महासचिव बीएस अहलावत और राष्ट्रीय सचिव चौधरी रुमाल सिंह ने कहा कि मुरादाबाद मंडल हमेशा जाट आरक्षण आंदोलन की अगुवाई करता रहा है। प्रदेश अध्यक्ष जगवीर सिरोही ने सभी जिलों में सम्मेलन और रैलियां आयोजित कर जाट समाज को आंदोलन की तैयारी के लिए कहा गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जाट आरक्षण आंदोलन की घोषणा के बाद आर-पार की लड़ाई का एलान किया जाएगा। इससे पूर्व संभल जिले के विजयपाल सिंह को मंडल महासचिव, धर्मेंद्र चौधरी को जिलाध्यक्ष और अनिल चौधरी उर्फ टीटू को जिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस मौके पर प्रदेश महासचिव धर्मराज चौधरी, मंडल अध्यक्ष चौधरी सत्यवीर मान, भगत सिंह बॉबी, नीरज चौधरी, दीपक चौधरी, भूपेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।