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मालेगांव ब्लास्ट केस: साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित को कोर्ट से राहत, हटा मकोका
अमर उजाला ब्यूरो/ मुंबई
Updated Thu, 28 Dec 2017 06:00 AM IST
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मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में मुंबई की एनआईए स्पेशल कोर्ट ने भले ही साध्वी प्रज्ञा ठाकुर और कर्नल पुरोहित सहित अन्य आरोपियों पर लगे मकोका के आरोप हटा लिए हैं लेकिन, उनकी बाइज्जत रिहाई पर संदेह बरकरार है। मुंबई के सिलसिलेवार बम धमाके में सौ से अधिक आरोपियों को सजा दिला चुके वरिष्ठ वकील उज्वल निकम ने यह संदेह जाहिर किया है।
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उज्वल निकम ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस प्रकरण में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कर्नल प्रसाद पुरोहित, रमेश उपाध्याय, संदीप डागे, सुधाकर चतुर्वेदी व अजय रहिरकर के खिलाफ मकोका हटने से उन्हें काफी राहत मिली है। इसके चलते जमानत अवधि बढ़ी है। लेकिन, एनआईए की विशेष अदालत में दूसरे कानून के तहत उनके खिलाफ मुकदमा चलेगा।
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ता दें कि साल 1999 में महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र कंटोल ऑफ ऑर्गनाईज्ड एक्ट (मकोका) कानून बनाया था। मकोका अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधियों, संगठित अपराध व गिरोह चलाने वाले आरोपियों और क्राइम सिंडिकेट चलाने वाले पर वरिष्ठ अधिकारी की सहमति से लगाया जाता है। इसके लिए कानून में अलग से प्रावधान है।
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साल 2002 में दिल्ली सरकार ने भी इसे लागू किया। इसमें खास बात यह है कि टाडा और पोटा की तरह मकोका में भी जमानत का प्रावधान नहीं है। मामले की छानबीन के बाद अगर पुलिस या जांच एजेंसी 180 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं की तो आरोपी को जमानत दी जा सकती है। इसमें कम से कम 5 साल और अधिकतम फांसी की सजा हो सकती है।