फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   major relief for Dhananjay Munde Beed distric court has given him a clean chit in the wife dispute case

Maharashtra: चुनावी हलचल के बीच एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को बड़ी राहत, इस विवाद पर अदालत ने दी क्लीन चिट

Wed, 31 Dec 2025 06:25 PM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अमन तिवारी Updated Wed, 31 Dec 2025 06:25 PM IST
सार

महाराष्ट्र के बीड जिले की अदालत ने एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा शिकायतकर्ता पहली पत्नी होने का दावा साबित नहीं कर पाईं हैं, इसलिए कोई मामला नहीं बनता।

विज्ञापन
major relief for Dhananjay Munde Beed distric court has given him a clean chit in the wife dispute case
राज्यमंत्री धनंजय मुंडे - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र के बीड जिले के न्यायालय ने बुधवार को पूर्व राज्य मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता धनंजय मुंडे को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने नेता के खिलाफ उनकी पहली पत्नी होने का दावा करने वाली एक महिला की याचिका खारिज कर दी। महिला ने आरोप लगाया था कि मुंडे ने 2024 के चुनावी नामांकन पत्रों में आवश्यक जानकारी छिपाई है।
विज्ञापन


ये भी पढ़े: BMC Election: निगम चुनाव से पहले कांग्रेस गठबंधन पर संकट, सहयोगी वीबीए को 20 सीटों पर उम्मीदवार नहीं मिले
विज्ञापन


कोर्ट ने क्या सुनाया फैसला?
मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (परली वैजनाथ) दीपक बोरडे ने फैसला सुनाया कि शिकायतकर्ता करुणा मुंडे आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया में कोई मामला साबित नहीं कर पाई हैं। न्यायालय ने यह भी कहा कि तथ्यों को चुनाव जीतने के उद्देश्य से नहीं छिपाया गया था। अदालत ने कहा, "ऐसा लगता है कि शिकायतकर्ता की ओर से बताए गए तथ्यों को छिपाने से उनकी चुनावी जीत पर कोई असर नहीं पड़ा है। इसलिए ऐसे तथ्य को न बताने का मकसद चुनाव में जीतने का नहीं लगता।"
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या था मामला?
मामले में करुणा मुंडे ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत अदालत का रुख किया था। उन्होंने खुद को एनसीपी नेता की पहली कानूनी रूप से विवाहित पत्नी बताया था। उनकी मुख्य शिकायत थी कि पहली पत्नी होने के बावजूद, नवंबर 2024 में जब धनंजय मुंडे ने बीड जिले के परली से विधानसभा चुनाव लड़ा, तो नामांकन पत्रों में उनका नाम शामिल नहीं था।


एनसीपी नेता के वकील ने क्या कहा?
दूसरी ओर, एनसीपी नेता ने न्यायालय में कहा कि उनका संबंध आपसी सहमति से था, जिससे दो बच्चे हुए। पूर्व मंत्री ने बच्चों के दस्तावेजों में केवल अपना नाम और उपनाम प्रयोग करने की अनुमति दी थी। धनंजय मुंडे के अधिवक्ता बी. कावड़े ने तर्क दिया कि शिकायतकर्ता को पूरी जानकारी थी कि एनसीपी विधायक पहले से शादीशुदा हैं, फिर भी उन्होंने स्वेच्छा से रिश्ता बनाया, जो नवंबर 2020 में खत्म हो गया। 

ये भी पढ़े:  Maharashtra Civic Polls: नागपुर में शरद पवार के दल का कांग्रेस से गठबंधन नहीं, NCP बोली- वे गठबंधन नहीं चाहते

कोर्ट ने क्या कहा?
महिला के मामले में कई विसंगतियों को उजागर करते हुए, न्यायालय ने बताया कि शिकायत में 1996 के विवाह का उल्लेख है, जबकि उनके सत्यापन बयान में तिथि 1 सितंबर, 1998 बताई गई है। न्यायालय ने कहा कि शिकायतकर्ता ने विवाह का कोई कानूनी दस्तावेज जैसे पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं, जो यह सिद्ध करें कि वह परली विधायक की पहली कानूनी रूप से विवाहित पत्नी हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed