Pune Violence: यवत में आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तनाव, धारा 144 लागू; चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर
Maharashtra: पुणे जिले की दौंड तालुका के यवत गांव में एक युवक की कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट से तनाव पैदा हो गया है। पुलिस ने बताया कि गांव में पहले से ही एक सप्ताह पहले हुई घटना की वजह से माहौल तनावपूर्ण था। साथ ही गांव में बढ़ते तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने येवत में धारा 144 लागू कर दिया है। साथ ही निगरानी भी तेज कर दी है।
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महाराष्ट्र के यवत गांव में एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट डालने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने गांव में धारा 144 लागू कर दी है, जिससे किसी भी प्रकार की भीड़ जुटने पर रोक लगाई गई है। बता दें कि गांव में एक सप्ताह पहले ही एक घटना हो चुकी थी, इसलिए वहां पहले से ही माहौल तनावपूर्ण था। पुलिस के मुताबिक, गांव के लोग सड़कों पर उतर आए और कुछ युवाओं ने एक संरचना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, इस घटना में किसी के भी घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस की टीम क्षेत्र में मौजूद है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इस मामले पर भाजपा विधायक राहुल सुभाषराव कुल ने बताया कि पिछले 5-6 दिनों से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इलाके में तैनात हैं। पुलिस ने आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि लोगों के मन में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बना रहे। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अफवाह या हिंसा से निपटने के लिए सतर्क है। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
#WATCH | Maharashtra: Tense situation in Yavat village at Daund Taluka of Pune District following an alleged objectionable social media post posted by a youth here. Police say that an incident had occurred in the village a week ago, so the situation was already tense here.… pic.twitter.com/ha0SZHMMKq
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 1, 2025
वहीं इस मामले में पुणे एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया, 'यहां यवत गांव में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक ने अपने व्हाट्सएप/फेसबुक पर एक आपत्तिजनक स्टेटस पोस्ट किया है। शिकायत के बाद युवक को थाना लाया गया। कार्रवाई शुरू की गई। कुछ गांव के लोग भी वहां पहुंचे। हमारी पुलिस टीम ने शांति बनाए रखने के लिए गांव के प्रतिनिधियों के साथ बैठक शुरू की। लेकिन तब तक यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था।
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उन्होंने आगे बताया, एक सप्ताह पहले गांव में एक घटना हुई थी, इसलिए यहां स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण थी। तनाव पहले ही बढ़ा हुआ था, इसलिए गांव के लोग सड़कों पर उतर आए और कुछ युवाओं ने एक संरचना में तोड़फोड़ का प्रयास किया। हालांकि, घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है और गांव में गश्त की जा रही है। स्थिति अभी शांतिपूर्ण है।' उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी भी दी।
#WATCH | Maharashtra: Heavy deployment of Police personnel made in Yavat village at Daund Taluka of Pune District.
— ANI (@ANI) August 1, 2025
Tense situation in Yavat village following an alleged objectionable social media post posted by a youth here. Police say that an incident had occurred in the… pic.twitter.com/eQYX8bvkIw
स्वप्निल आदिनाथ कदम एक बेकरी के मालिक हैं और उनकी दुकान में भी तोड़फोड की गई और जलाई गई। उन्होंने बताया, मेरे कुछ कर्मचारी मुसलमान हैं और वे यूपी से आते हैं। सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुई, जिसमें कहा गया कि मुसलमानों ने आपत्तिजनक पोस्ट डाली है। यहां से 150-200 मीटर दूर एक मस्जिद है। वे मस्जिद जा रहे थे। किसी ने कहा कि यह बेकरी मुसलमानों की है। लेकिन यह बेकरी हमारी है और ये (कर्मचारी) यहां किराए पर काम करते हैं। उन्होंने बेकरी पर पत्थर फेंके, टिन की चादरें हटा लीं और ज्वलनशील चीजें फेंक दीं। हमारी बेकरी पूरी तरह जल गई। हमारे कर्मचारियों का सोशल मीडिया पोस्ट से कोई लेना-देना नहीं था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे मामले पर क्या कहा
घटना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, मुझे इस मामले की जानकारी मिली है। जानकारी के अनुसार बाहर से आए किसी व्यक्ति ने आपत्तिजनक स्टेटस पोस्ट किया, जिससे तनाव पैदा हुआ। लोग सड़कों पर निकल आए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कुछ लाठीचार्ज करना पड़ा। स्थिति अब नियंत्रण में है। दोनों समुदाय के लोग एक साथ बैठकर बात कर रहे हैं और तनाव को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।
फडणवीस ने कहा, कुछ लोग जानबूझकर ऐसे स्टेटस पोस्ट करते हैं ताकि तनाव फैल जाए, लेकिन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ इसलिए कि कोई सभा या कार्यक्रम हुआ है, क्या किसी को ऐसे उत्तेजक स्टेटस पोस्ट करने की छूट मिल जाती है? किसी को भी इस तरह से किसी धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। इसलिए यह कहना कि तनाव सार्वजनिक सभा के कारण हुआ, पूरी तरह गलत है। फिलहाल इलाके में पूरी तरह से शांति है।
उन्होंने कहा, हमें यह भी जांच करनी होगी कि जो वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, क्या वह उसी जगह की है या कहीं और की। कई बार ऐसे मामलों में फर्जी वीडियो भी सामने आते हैं। इसलिए इस पहलू की भी जांच जरूरी है। हमारी एक ही अपील है कि सभी लोग शांति बनाए रखें और कोई भी कानून अपने हाथ में न ले। अगर कोई ऐसा करता है, तो पुलिस उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
हालात काबू में हैं, अफवाहों पर ध्यान न दें: अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि आज की घटना के बाद इलाके में 48 घंटे के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सभी नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की, चाहे वे किसी भी जाति या धर्म के हों और कहा कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
उन्होंने कहा कि पुलिस की टीम हालात पर करीब से नजर रख रही और शांति बनाए रखने के लिए काम कर रही है। उन्होंने गांववासियों से सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले यहां एक घटना हुई थी, जिसके बाद कई जनप्रतिनिधियों ने भाषण दिए थे। बाद में स्थिति शांत हो गई थी। हाल ही में मध्य प्रदेश में एक घटना हुई, जिसके संदर्भ में किसी ने व्हाट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया। उस स्टेटस को लेकर यहां थोड़ी अशांति फैल गई।