{"_id":"68078f9ea20854654c03268c","slug":"maharashtra-widow-of-26-11-martyr-policeman-appointed-as-deputy-sp-on-probation-news-in-hindi-2025-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 26\/11 के शहीद कांस्टेबल अंबादास पवार की पत्नी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कल्पना बनीं डिप्टी एसपी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 26/11 के शहीद कांस्टेबल अंबादास पवार की पत्नी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कल्पना बनीं डिप्टी एसपी
Tue, 22 Apr 2025 06:16 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 22 Apr 2025 06:16 PM IST
सार
महाराष्ट्र में 26/11 के आतंकी हमले में बलिदान हुए पुलिस कांस्टेबल अंबादास पवार की पत्नी को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बता दें कि, राज्य सरकार ने कल्पना पवार को डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति का आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया है।
विज्ञापन
26/11 आतंकी हमले का श्रद्धांजलि स्थल
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में शहीद हुए पुलिस कांस्टेबल अंबादास पवार की पत्नी कल्पना पवार को प्रोबेशनरी डिप्टी एसपी (उप पुलिस अधीक्षक) के पद पर नियुक्त किया है। यह फैसला मंगलवार को लिया गया। इस नियुक्ति का आदेश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जारी किया। वहीं कल्पना पवार ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने आम जनता को न्याय दिलाने की दिशा में काम किया है।
यह भी पढ़ें - महाराष्ट्र: सरकार ने हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के आदेश पर लगाई रोक, स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
'पति की तरह मुझे भी जनता का सेवा करने का मिलेगा मौका'
अपनी नियुक्ति पर कल्पना पवार ने कहा, 'मेरे पति की तरह मुझे भी अब लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है। मेरी नियुक्ति यह साबित करती है कि यह सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं और देश के लिए बलिदान देने वालों की है'।
विज्ञापन
शहीद अंबादास पवार की बहादुरी
26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुआ आतंकी हमला देश के इतिहास का एक काला दिन था। उस दिन आतंकियों ने मुंबई के कई स्थानों को निशाना बनाया था, जिनमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन भी शामिल था। इस वारदात के दौरान अंबादास पवार उस समय सिविल ड्रेस में और बिना हथियार के थे। वे अपनी नाइट ड्यूटी के लिए प्रोटेक्शन यूनिट ऑफिस जा रहे थे। सीएसएमटी स्टेशन पर उन्होंने देखा कि एक रेलवे पुलिस (जीआरपी) अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया है। उन्होंने उसकी राइफल लेकर आतंकियों पर गोलियां चलाईं। इस दौरान वे शहीद हो गए। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें गैलेंट्री पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था।
यह भी पढ़ें - Waqf Act: 'गरीब मुसलमानों को फायदा और लूट पर रोक जरूरी', वक्फ संपत्तियों पर बोले मंत्री किरेन रिजिजू
देश के लिए एक प्रेरणा - कल्पना
कल्पना पवार की यह नियुक्ति सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। यह निर्णय उन सभी शहीद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिन्होंने देश के लिए अपनों को खोया है। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम यह दिखाता है कि जो लोग देश के लिए बलिदान देते हैं, उन्हें और उनके परिवार को सरकार कभी नहीं भूलती।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - महाराष्ट्र: सरकार ने हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाने के आदेश पर लगाई रोक, स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
विज्ञापन
'पति की तरह मुझे भी जनता का सेवा करने का मिलेगा मौका'
अपनी नियुक्ति पर कल्पना पवार ने कहा, 'मेरे पति की तरह मुझे भी अब लोगों की सेवा करने का अवसर मिला है। मेरी नियुक्ति यह साबित करती है कि यह सरकार किसानों, मजदूरों, महिलाओं और देश के लिए बलिदान देने वालों की है'।
विज्ञापन
शहीद अंबादास पवार की बहादुरी
26 नवंबर 2008 को मुंबई पर हुआ आतंकी हमला देश के इतिहास का एक काला दिन था। उस दिन आतंकियों ने मुंबई के कई स्थानों को निशाना बनाया था, जिनमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) स्टेशन भी शामिल था। इस वारदात के दौरान अंबादास पवार उस समय सिविल ड्रेस में और बिना हथियार के थे। वे अपनी नाइट ड्यूटी के लिए प्रोटेक्शन यूनिट ऑफिस जा रहे थे। सीएसएमटी स्टेशन पर उन्होंने देखा कि एक रेलवे पुलिस (जीआरपी) अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया है। उन्होंने उसकी राइफल लेकर आतंकियों पर गोलियां चलाईं। इस दौरान वे शहीद हो गए। उनकी इस बहादुरी के लिए उन्हें गैलेंट्री पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था।
यह भी पढ़ें - Waqf Act: 'गरीब मुसलमानों को फायदा और लूट पर रोक जरूरी', वक्फ संपत्तियों पर बोले मंत्री किरेन रिजिजू
देश के लिए एक प्रेरणा - कल्पना
कल्पना पवार की यह नियुक्ति सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। यह निर्णय उन सभी शहीद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिन्होंने देश के लिए अपनों को खोया है। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम यह दिखाता है कि जो लोग देश के लिए बलिदान देते हैं, उन्हें और उनके परिवार को सरकार कभी नहीं भूलती।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन