Maharashtra: कालभोर कॉलेज में छात्रों के दो समूहों के बीच झड़प; छात्राओं का शोषण करने वाला मनोवैज्ञानिक पकड़ा
15 साल से छात्राओं का ब्लैकमेल करने वाला पकड़ा
पुलिस ने नागपुर से 50 छात्राओं का यौन शोषण करने वाले मनोवैज्ञानिक को पकड़ा है। वह पिछले 15 साल से छात्राओं को ब्लैकमेल कर रहा था।
हुडकेश्वर पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि आरोपी पूर्वी नागपुर में एक क्लीनिक और आवासीय कार्यक्रम चलाता था। उसके खिलाफ पोक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मनोवैज्ञानिक ने कथित तौर पर छात्राओं को व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के वादों के साथ लुभाया। उसने यात्राओं और शिविर में लड़कियों का यौन शोषण किया। वह उनकी अश्लील तस्वीरें लेता और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए इनका इस्तेमाल करता। एक पूर्व छात्र ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कई पीड़ित विवाहित हैं और वे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास जाने में झिझकते हैं।
नागपुर में बेटे ने की शराबी पिता की हत्या
नागपुर मेंं एक 22 वर्षीय व्यक्ति ने शराब के आदी पिता की गाली-गलौज से नाराज होकर कथित तौर पर हत्या कर दी। मृतक की पहचान कुही थाना क्षेत्र के धमना गांव निवासी तुलसीराम माणिकलाल बिसेन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके बेटे जितेंद्र बिसेन को गिरफ्तार कर लिया है, जो रसोइया का काम करता था और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने दी जानकारी
पुलिस के अनुसार तुलसीराम बिसेन का परिवार जिसमें उसकी पत्नी और दो बेटे शामिल थे, उसकी शराब पीने की आदत से तंग आ चुका था। रविवार की रात वह शराब के नशे में घर आया और घर पर अकेले बैठे जितेंद्र बिसेन को गाली-गलौज करने लगा। पुलिस ने बताया कि गुस्से में आकर जितेंद्र बिसेन ने अपने पिता पर लोहे की रॉड से कई बार हमला किया। उन्होंने बताया कि तुलसीराम बिसेन के सिर, गर्दन और छाती पर गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
महाराष्ट्र साइबर ने पुणे में दो अलग-अलग मामलों में साइबर ब्लैकमेलिंग और उत्पीड़न को रोका। दोनों मामलों में पीड़ितों ने इंस्टेंट लोन ऐप्स से पैसे उधार लिए थे और बाद में उन्हें धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। महाराष्ट्र साइबर ने समय पर हस्तक्षेप करके आत्महत्या के दो प्रयासों को टाल दिया।
पहला मामल के लेकर एक अधिकारी ने बताया कि एक 22 वर्षीय व्यक्ति शामिल था, जिसने एक लोन ऐप से 2800 रुपये उधार लिए थे और राशि चुका दी थी। राशि चुकाने के बाद भी, उसे अतिरिक्त पैसे की मांग करने वाले कॉल आने लगे। जब उसने मना कर दिया, तो कॉल करने वालों ने व्हाट्सएप के माध्यम से उसके परिवार को उसकी महिला रिश्तेदार की स्पष्ट, मॉर्फ्ड नग्न तस्वीरें भेजीं। उत्पीड़न से तंग आकर, पीड़ित ने महाराष्ट्र साइबर हेल्पलाइन नंबर 14407 पर कॉल किया और बताया कि वह अपना जीवन समाप्त करना चाहता है।
दूसरी घटना के बारे में अधिकारी ने बताया कि 35 वर्षीय व्यक्ति ने मेडिकल इमरजेंसी के लिए 5,060 रुपये उधार लिए थे। 1,700 रुपये की ईएमआई पर सहमत होने के बाद, लोन ऐप ने राशि को दोगुना कर दिया। पीड़ित द्वारा भुगतान करने से इनकार करने के बाद, कॉल करने वालों ने उसे और उसके परिजनों को धमकी दी कि उन्हें शर्मिंदा करने के लिए अश्लील तस्वीरें प्रसारित की जाएंगी। अधिकारी ने आगे बताया कि पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर कॉल किया और आत्महत्या करने की इच्छा जताई। साइबर विश्लेषक ने इस घटना को गंभीर ब्लैकमेलिंग के रूप में चिह्नित किया।
महाराष्ट्र की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने मंगलवार को कहा कि सरकार मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए काम करेगा और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की जरूरत है। मंत्री ने कहा कि सरकार पालघर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने माना कि जिले में बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत है, जिसमें एक ब्लड बैंक और महिलाओं के अस्पताल की जरूरत है। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने हाल ही में पुणे में हुई हत्या के मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस मामले की गहन जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी मंगलवार को पुणे पहुंची और उसने मामले की जांच शुरू की। कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट और सिफारिशे 10 कार्य दिवसों के भीतर सौंपेगी।
मामले में एक महिला की कथित तौर पर उसके सहकर्मी ने पैसे के विवाद को लेकर बेहरमी से हत्या कर दी थी। महिला एक बीपीओ कंपनी में काम करती थी। यह घटना कंपनी के पर्किंग क्षेत्र में हुईं, जहां कई लोग मौजूद थे। लेकिन किसी ने भी हमले को रोकने की कोशिश नहीं की।