Maharashtra: छगन भुजबल और उनके परिवार को बड़ी राहत; मराठा आरक्षण पर 20 फरवरी को विधानमंडल का विशेष सत्र
Maharashtra: बेनामी संपत्ति के एक मामले में छगन भुजबल और उनके परिवार को विशेष अदालत ने बड़ी राहत मिली है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया है।
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महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेता छगन भुजबल और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज एक मामले का निपटारा कर दिया है। अदालत ने 2021 में बेनामी अधिनियम के तहत दर्ज मामले को बंद कर दिया है।
बंबई उच्च न्यायालय ने भजुबल और उनके परिवार के सदस्यों खिलाफ शुरू की गई आयकर विभाग की जांच को रद्द कर दिया था। एमपी-एमएलए मामलों की अदालत के विशेष न्यायाधीश आर.एन. रोकाडे ने उच्च न्यायालय के आदेश के मद्देजनर सोमवार को मामला बंद कर दिया।
अदालत ने पिछले साल दिसंबर में तीन कंपनियों द्वारा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, उनके बेटे पंकज और भतीजे समीर के खिलाफ की गई शिकायत को रद्द कर दिया था। पीठ ने कहा था कि 2016 में संशोधित बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम का पूर्वगामी प्रभाव नहीं है।
आयकर विभाग ने 2021 में भुजबल और उनकी कंपनियों आर्मस्ट्रांग इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, प्रवेश कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड और देविशा कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी।
बीस फरवरी को विधानसभा का विशेष सत्र होगा: मुख्यमत्री कार्यालय
महाराष्ट्र विधानसभा का 20 फरवरी को एक विशेष सत्र होगा। जिसमें आरक्षण और मराठा समुदाय की अन्य मांगों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार शाम यह जानकारी दी। कार्यकर्ता मनोज जरांगे मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर दस फरवरी से भूख हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस मुद्दे पर बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा की गई, जिसके बाद सत्र बुलाने का फैसला लिया गया।