Maharashtra: बीड में बर्खास्त पुलिसकर्मी ने की आत्महत्या; BJP ने दी गांधी की दुहाई, कहा- अनशन खत्म करें जरांगे
महाराष्ट्र के बीड जिले में नौकरी से बर्खास्त किए गए एक पुलिस निरीक्षक ने फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। यह जानकारी एक अधिकारी ने मंगलवार को दी।
अधिकारी ने बताया कि मृतक का नाम सुनील नागरगोजे (57 वर्षीय) था। उन्हें परभणी से बीड पुलिस के वायरलेस विभाग में भेजा गया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनका एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से झगड़ा हो गया था। इस झगड़े के बाद उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था।
अधिकारी ने कहा, वह बीड जिले के अंबाजोगाई शहर में मकान बना रहे थे और फिलहाल किराए के एक मकान में अकेले रह रहे थे। सोमवार रात को उन्हें उसी मकान में फांसी पर लटका पाया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की जांच कर रही है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया।
भाजपा ने जरांगे से की आंदोलन रोकने की अपील
भाजपा ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे से मंगलवार को अपील की कि वह अपना आंदोलन रोक दें। इस अपील में पार्टी ने महात्मा गांधी का उदाहरण दिया और कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। इस अपील के साथ पार्टी ने जरांगे को यह चेतावनी भी दी कि उनके आंदोलन का राजनीतिक तौर पर गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
सत्तारूढ़ पार्टी का यह बयान उस समय आया, जब जरांगे का अनशन पांचवें दिन में प्रवेश कर गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह मुंबई से नहीं जाएंगे। महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हर आंदोलन की सफलता के लिए कभी-कभी उसमें बदलाव करना जरूरी होता है। कभी-कभी आंदोलन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ता है। महात्मा गांधी ने भी कई बार अपने आंदोलन रोके थे। आपने मराठा समाज का दर्द समाज के सामने रखा है और समाज को पहले ही 10 फीसदी आरक्षण दिया गया है। अब इसे रोकने का समय आ गया है।
ठाणे में नकली सोने के सिक्कों से खरीदा 10 लाख का हार, केस
ठाणे जिले के डोंबिवली में एक अज्ञात व्यक्ति ने आभूषण की दुकान की सेल्सवुमन को कथित तौर पर चूना लगा दिया। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति ने नकली सोने के सिक्कों के बदले 10.33 लाख रुपये का हार खरीदा था। पुलिस ने बताया कि यह घटना 30 अगस्त को हुई। व्यक्ति ने सेल्सवुमन को बताया था कि उसकी पत्नी का आज जन्मदिन है। व्यक्ति ने सेल्सवुमन को नकदी के बजाय सोने के सिक्के लेने के लिए मना लिया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस व्यक्ति का पता लगाने के लिए दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
कल्याण अदालत ने 2006 हत्याकांड में सात लोगों को बरी किया
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की कल्याण अदालत ने 2006 में हुए हत्याकांड में सबूतों की कमी के कारण सात आरोपियों को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसएम चांदगड़े ने अपने आदेश में कहा कि इस मामले में दो अहम गवाह अदालत में टिक नहीं पाए और उनकी गवाही से आरोपियों का जुड़ाव घटना से साबित नहीं हो सका। यह आदेश 22 अगस्त को दिया गया था और इसकी प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई। मामले के अनुसार, 13 फरवरी 2006 को शहापुर तहसील में गणेश मराडे पर डंडों और पत्थरों से हमला किया गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। जिन सात लोगों को बरी किया गया है, उनमें संतोष सदाशिव कदम (46), सुनील पुंडलिक दुर्गुडे (45), गणेश पांडुरंग राउत (48), मंगेश पुंडलिक दुर्गुडे (46), विजय श्रीरंग बागुल (73), शाकिर मजीद शेख (50) और पिंट्या उर्फ प्रशांत दत्तात्रेय सारंगधर (52) शामिल हैं। एक और आरोपी बालू शिपाई उर्फ खरडिकर की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी, जिसके चलते उसके खिलाफ मामला बंद कर दिया गया।
दुर्घटना में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को 33 लाख मुआवजा देने का आदेश
ठाणे की मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए 2019 में सड़क दुर्घटना में मारे गए एक बढ़ई के परिजनों को 33.77 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह दुर्घटना तब हुई थी जब एमएसआरटीसी की बस ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। न्यायाधिकरण के सदस्य आरवी मोहिटे ने 26 अगस्त को दिए आदेश में कहा कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) मृतक की किसी भी तरह की लापरवाही साबित करने में असफल रहा। आदेश की प्रति मंगलवार को प्राप्त हुई। दुर्घटना तीन नवंबर 2019 को नाशिक-मुंबई हाईवे पर पिंपलस फाटा के पास हुई थी। मृतक कनैयालाल श्यामलाल पाल (38), जो कि बढ़ई थे, सावधानी से बाईं ओर मोटरसाइकिल चला रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एसटी बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में पाल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद परिजनों-पत्नी, बच्चे और माता-पिता ने दावा दाखिल किया। हादसे के बाद कोंगांव पुलिस थाने में बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
नागपुर स्थित आयुध कारखाने के पूर्व उप महाप्रबंधक पर मामला दर्ज
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नागपुर स्थित आयुध निर्माणी अम्बाझरी (ओएफएजे) के पूर्व उप महाप्रबंधक दीपक लांबा के खिलाफ अनुबंध देने में एक निजी फर्म का कथित तौर पर पक्ष लेने के आरोप में मामला दर्ज किया है। आरोप है कि लांबा ने उप महाप्रबंधक (डीजीएम), ओएफएजे, नागपुर में अपने कार्यकाल के दौरान एक प्रोप्राइटरशिप फर्म की स्थापना की और अनुबंध के नियमों और शर्तों में हेरफेर करके, फर्म की तरफ से प्रस्तुत जाली/झूठे अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर फर्म को निविदाएं दीं।
सीबीआई अधिकारियों ने मंगलवार बताया कि इस मामले में नागपुर स्थित निजी फर्म ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज और उसके मालिक मोहित ठोलिया के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने चार स्थानों पर आरोपी के आवासीय परिसरों में तलाशी ली है। सीबीआई प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी उप महाप्रबंधक ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के माध्यम से निजी फर्म के साथ कई वित्तीय और बैंकिंग लेनदेन किए।