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Maharashtra: 'मैं अब ज्यादा मक्खन लगाने को तैयार नहीं, वोट दो या ना दो...', जानें नितिन गडकरी ऐसा क्यों कहा

Mon, 27 Mar 2023 08:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 27 Mar 2023 08:58 PM IST
सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर सही लगता है तो मुझे वोट दो, नहीं तो न दो। मैं अब बहुत ज्यादा मक्खन लगाने को तैयार नहीं हूं। आपको लगा तो ठीक नहीं तो कोई नया आएगा। 
 

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Maharashtra union minister gadkari said I am not ready to apply more butter now vote or not
Nitin Gadkari - फोटो : Twitter/@Nitin_Gadkari

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री अकसर अपने बेबाक बयानों से चर्चाओं में रहते हैं। इस बीच, नागरपुर की एक निजी संस्था कार्यक्रम में उन्होंने एक बार फिर ऐसा कुछ कहा, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर सही लगता है तो मुझे वोट दो, नहीं तो न दो। मैं अब बहुत ज्यादा मक्खन लगाने को तैयार नहीं हूं। आपको लगा तो ठीक नहीं तो कोई नया आएगा। 

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दरअसल, कार्यक्रम नागरपुर के वेस्टलैंड और वेस्टवाटर से जुड़े काम काम करने वाली एक संस्था ने आयोजित किया था। यह गडकरी के पसंदीदा विषय माने जाते हैं। इसी दौरान उन्होंने कहा, वेस्टलैंड पर होने वाले अनेक प्रयोग हैं। मैं यह काम जिद्द से करता हूं। प्यार से करता हूं या ठोक के करता हूं। मैंने लोगों को भी बोल दिया है अब बहुत हुआ। मैं चुनकर आया हूं, अगर सही लगता है तो मुझे वोट दो नहीं तो न दो। मैं अब बहुत ज्यादा मक्खन लगाने को तैयार नहीं हूं। आपको लगा तो ठीक नहीं तो कोई और आएगा। 
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गडकरी पहले भी इसी तरह के कुछ बयान दे चुके हैं। बीते कुछ महीनों पहले उन्होंने कहा था कि परेशान हर कोई है। विधायक इसलिए दुखी हैं कि वे मंत्री नहीं बन पाए। मंत्री इसलिए दुखी हैं कि उन्हें अच्छा विभाग नहीं मिला। मुख्यमंत्री इसलिए दुखी हैं कि वो कब चले जाएंगे इसका कोई भरोसा नहीं है। यह बात उन्होंने राजस्थान विधानसभा में संसदीय लोकतंत्र और जन अपेक्षाएं विषय पर आयोजित सेमिनार के दौरान कही थी। 

इसी तरह एक बात उन्होंने यह भी कहा था, कभी-कभी मन करता है कि राजनीति ही छोड़ दूं। समाज में और भी काम हैं, जो बिना राजनीति के किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा था, महात्मा गांधी के समय की राजनीति और अब की राजनीति में बहुत अंतर आया है। बापू के समय में राजनीति देश, समाज और विकास के लिए होती थी। लेकिन, अब राजनीति सिर्फ सत्ता पाने के लिए होती है। 

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