{"_id":"667e3bcc672fd1ce7506b1fe","slug":"maharashtra-two-detained-after-stone-pelting-at-jarange-s-village-in-beed-district-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: मनोज जरांगे के गांव मटोरी में पथराव, पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया; भारी पुलिस बल भी तैनात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: मनोज जरांगे के गांव मटोरी में पथराव, पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया; भारी पुलिस बल भी तैनात
Fri, 28 Jun 2024 09:58 AM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 28 Jun 2024 09:58 AM IST
सार
घटना गुरुवार रात मटोरी गांव में हुई। बढ़ते तनाव के बाद अधिकारियों ने शांति बनाए रखने के लिए यहां राज्य रिजर्व पुलिस बल की एक टुकड़ी तैनात की।
विज्ञापन
मनोज जरांगे
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र के बीड जिले में मराठा आरक्षण समर्थक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के गांव में कुछ लोगों ने नारेबाजी की और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। वहीं 15 से 20 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
विज्ञापन
मटोरी गांव की घटना
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना गुरुवार रात मटोरी गांव में हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने शांति बनाए रखने के लिए वहां राज्य रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक टुकड़ी तैनात की। यह सब तब शुरू हुआ जब आसपास के गांवों के कुछ लोग ओबीसी कोटा आंदोलनकारियों लक्ष्मण हाके और नवनाथ वाघमारे की रैली में भाग लेने के लिए रात आठ बजे के आसपास मटोरी से गुजर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि इस दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी की, जिसके बाद बस स्टैंड के पास पथराव हुआ। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि किसने नारेबाजी शुरू की और किसने पथराव किया। मौके पर बढ़ते तनाव के बीच पुलिस ने हस्तक्षेप किया और दो लोगों को हिरासत में ले लिया। बीड जिले के चकलंबा पुलिस स्टेशन में 15-20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मटोरी गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
यह है मामला
गौरतलब है, मराठा आरक्षण के मुद्दे को राज्य में मुख्य मंच पर लाने वाले जरांगे उस मसौदा अधिसूचना को लागू करने की मांग कर रहे हैं जो कुनबी समुदाय को मराठा समुदाय के सदस्यों के 'ऋषि सोयारे' के रूप में मान्यता देता है। कृषि समूह कुनबी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में आता है और जरांगे मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं, ताकि वे कोटा लाभ के लिए पात्र हो सकें।
हालांकि, ओबीसी कार्यकर्ता हाके और वाघमारे ने मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की जरांगे की मांग का विरोध किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य सरकार को ऐसा कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए जो ओबीसी को प्रभावित करता हो। जारंगे ने पिछले हफ्ते राज्य सरकार पर मराठा और ओबीसी समुदायों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।