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महाराष्ट्र में फिर कांपी धरती: हिंगोली जिले में 2.5 तीव्रता का आया भूकंप, 24 घंटे में तीसरी बार लगे झटके
Sun, 04 Oct 2026 08:32 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, हिंगोली
पीटीआई, हिंगोली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 04 Oct 2026 08:32 PM IST
सार
महाराष्ट्र के हिंगोली में रविवार दोपहर 2.5 तीव्रता का भूकंपीय झटका दर्ज हुआ। 24 घंटे में यह तीसरा झटका है। इससे पहले 3.3 और 4.5 तीव्रता के झटके आए थे। किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। क्षेत्र में छह साल से भूकंपीय गतिविधियां जारी हैं।
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हिंगोली में फिर कांपी धरती
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में रविवार दोपहर 2.5 तीव्रता का भूकंप का झटका महसूस किया गया। पिछले 24 घंटे में जिले में यह तीसरा भूकंपीय झटका है। लगातार झटकों से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। हालांकि, अभी तक जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। अधिकारी के मुताबिक, रविवार दोपहर 1:31 बजे भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र औंढा नागनाथ तहसील के सिद्धेश्वर और दुधाला गांवों के बीच बताया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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शनिवार को भी आए थे दो झटके
इससे पहले शनिवार सुबह हिंगोली जिले में कुछ घंटों के अंतराल पर दो हल्के भूकंपीय झटके महसूस किए गए थे। पहला झटका सुबह करीब 7:46 बजे दर्ज किया गया था। इसकी तीव्रता 3.3 थी और इसका केंद्र औंढा नागनाथ तहसील के गढ़ाला गांव में जमीन से करीब 7 किलोमीटर की गहराई में था। इसके करीब दो घंटे बाद 4.5 तीव्रता का एक और तेज झटका आया। इसे जिले के कई हिस्सों में महसूस किया गया। भूकंप के साथ कुछ इलाकों में तेज गड़गड़ाहट की आवाज भी सुनाई दी।
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छह साल से रुक-रुककर हो रही भूकंपीय गतिविधियां
हिंगोली के इस क्षेत्र में पिछले करीब छह साल से रुक-रुककर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इससे पहले 1 अक्तूबर को आसपास के पांगरा शिंदे गांव में भी गड़गड़ाहट की आवाज के साथ भूकंपीय गतिविधि महसूस हुई थी। इस साल 9 और 11 जुलाई को भी क्षेत्र में 4.6 और 3.5 तीव्रता के झटके आए थे। इन झटकों के कारण कुछ घरों में दरारें आने की बात सामने आई थी। फिलहाल प्रशासन रविवार को आए 2.5 तीव्रता के झटके के बाद स्थिति पर नजर रख रहा है।
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शनिवार को भी आए थे दो झटके
इससे पहले शनिवार सुबह हिंगोली जिले में कुछ घंटों के अंतराल पर दो हल्के भूकंपीय झटके महसूस किए गए थे। पहला झटका सुबह करीब 7:46 बजे दर्ज किया गया था। इसकी तीव्रता 3.3 थी और इसका केंद्र औंढा नागनाथ तहसील के गढ़ाला गांव में जमीन से करीब 7 किलोमीटर की गहराई में था। इसके करीब दो घंटे बाद 4.5 तीव्रता का एक और तेज झटका आया। इसे जिले के कई हिस्सों में महसूस किया गया। भूकंप के साथ कुछ इलाकों में तेज गड़गड़ाहट की आवाज भी सुनाई दी।
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छह साल से रुक-रुककर हो रही भूकंपीय गतिविधियां
हिंगोली के इस क्षेत्र में पिछले करीब छह साल से रुक-रुककर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इससे पहले 1 अक्तूबर को आसपास के पांगरा शिंदे गांव में भी गड़गड़ाहट की आवाज के साथ भूकंपीय गतिविधि महसूस हुई थी। इस साल 9 और 11 जुलाई को भी क्षेत्र में 4.6 और 3.5 तीव्रता के झटके आए थे। इन झटकों के कारण कुछ घरों में दरारें आने की बात सामने आई थी। फिलहाल प्रशासन रविवार को आए 2.5 तीव्रता के झटके के बाद स्थिति पर नजर रख रहा है।
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भूकंप से बचाव के लिए क्या करें।
- फोटो : अमर उजाला
भूकंप के दौरान क्या करें
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
यदि आप घर के अंदर हों
यदि आप घर के बाहर हों
यदि किसी चलते वाहन में हों
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।
यदि आप घर के अंदर हों
- आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं।
- यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
- किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
- सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
यदि आप घर के बाहर हों
- यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
- यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।
यदि किसी चलते वाहन में हों
- जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
- सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।