{"_id":"5757cbb54f1c1b1b759c5a31","slug":"maharashtra-stops-rs-98-000-cr-bullet-train-project-in-its-tracks","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का रास्ता भाजपा के मुख्यमंत्री ने ही रोका!","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का रास्ता भाजपा के मुख्यमंत्री ने ही रोका!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:24 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजक्ट बुलेट ट्रेन पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। अहमदाबाद से मुंबई के बीच बनाए जा रहे भारत के 98 हजार करोड़ के बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से महाराष्ट्र सरकार ने अपने हाथ खींच लिए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे को मुंबई में सबसे अहम स्टेशन बनाने का आदेश देने से इंकार कर दिया है।
रेलवे के मुताबिक मुंबई स्टेशन को बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में अंडरग्राउंड बनाने की योजना है। ये पश्चिमी उपनगर का केंद्रीय व्यापार जिला माना जाता है। इस मुद्दे पर जापानी जानकारों के साथ मिलकर योजना बनाई जा चुकी है, उन्होंने स्टेशन के लिए सभी जरूरी सर्वे कर लिए हैं, साथ ही इससे जुड़े राज्य के विभागों से भी चर्चा की जा चुकी है।
हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे से कहा कि जिस जगह पर रेलवे स्टेशन बनाने की योजना बनाई जा रही वह एक वित्तीय केंद्र है। ऐसे में यहां भूमिगत रेलवे स्टेशन का निर्माण मुश्किल है।
विज्ञापन
इस मुद्दे पर रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने मई में महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से चर्चा की थी, इस दौरान मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी शामिल थे। लेकिन इस योजना को लेकर कोई अहम फैसला नहीं हो सका।
विज्ञापन
रेलवे के मुताबिक मुंबई स्टेशन को बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में अंडरग्राउंड बनाने की योजना है। ये पश्चिमी उपनगर का केंद्रीय व्यापार जिला माना जाता है। इस मुद्दे पर जापानी जानकारों के साथ मिलकर योजना बनाई जा चुकी है, उन्होंने स्टेशन के लिए सभी जरूरी सर्वे कर लिए हैं, साथ ही इससे जुड़े राज्य के विभागों से भी चर्चा की जा चुकी है।
विज्ञापन
हालांकि महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे से कहा कि जिस जगह पर रेलवे स्टेशन बनाने की योजना बनाई जा रही वह एक वित्तीय केंद्र है। ऐसे में यहां भूमिगत रेलवे स्टेशन का निर्माण मुश्किल है।
विज्ञापन
इस मुद्दे पर रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों ने मई में महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से चर्चा की थी, इस दौरान मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी शामिल थे। लेकिन इस योजना को लेकर कोई अहम फैसला नहीं हो सका।
आखिर कैसे चलेगी बुलेट ट्रेन?
महाराष्ट्र सरकार ने रेलवे को बताया कि जिस जगह पर प्रस्तावित रेलवे स्टेशन की योजना बनाई जा रही है वहां से प्रदेश को 10 हजार करोड़ के राजस्व मिलता है, इस योजना से राजस्व को झटका लग सकता है।
फिलहाल रेलवे ने प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर सहयोगी की अपील कर रहा है। दूसरी ओर बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स का पूरा इलाका 28 हेक्टेअर का है, रेलवे के मुताबिक उसे इसमें से महज 0.9 हेक्टेअर इलाका ही भूमिगत स्टेशन बनाने के लिए चाहिए। लेकिन महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया कि पूरा इलाका सरकारी वाणिज्यिक स्थायित्व के लिए बनाया गया है ऐसे में इसमें छेड़छाड़ मुश्किल होगा। ये सरकार का अहम प्रोजेक्ट है।
कुल मिलाकर इस विवाद को सुलझाने के लिए रेलवे और राज्य सरकार के बीच माथापच्ची जारी है। हालांकि अभी तक रेलवे को प्रस्तावित स्टेशन बनाने की योजना में राज्य सरकार से कोई सहयोग मिलता नहीं दिख रहा। जिसके चलते ये संभावना ज्यादा लग रही कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे बुलेट ट्रेन का संचालन कितना कामयाब होगा?
फिलहाल रेलवे ने प्रदेश सरकार से इस मुद्दे पर सहयोगी की अपील कर रहा है। दूसरी ओर बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स का पूरा इलाका 28 हेक्टेअर का है, रेलवे के मुताबिक उसे इसमें से महज 0.9 हेक्टेअर इलाका ही भूमिगत स्टेशन बनाने के लिए चाहिए। लेकिन महाराष्ट्र सरकार की ओर से कहा गया कि पूरा इलाका सरकारी वाणिज्यिक स्थायित्व के लिए बनाया गया है ऐसे में इसमें छेड़छाड़ मुश्किल होगा। ये सरकार का अहम प्रोजेक्ट है।
कुल मिलाकर इस विवाद को सुलझाने के लिए रेलवे और राज्य सरकार के बीच माथापच्ची जारी है। हालांकि अभी तक रेलवे को प्रस्तावित स्टेशन बनाने की योजना में राज्य सरकार से कोई सहयोग मिलता नहीं दिख रहा। जिसके चलते ये संभावना ज्यादा लग रही कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जा रहे बुलेट ट्रेन का संचालन कितना कामयाब होगा?