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Maharashtra: अजित पवार के एनडीए में शामिल होने पर सिब्बल ने दी प्रतिक्रिया, महाराष्ट्र राजनीति को बताया तमाशा
Thu, 06 Jul 2023 11:24 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 06 Jul 2023 11:24 AM IST
सार
अजित पवार ने बुधवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपने चाचा से पूछा कि वह सक्रिय राजनीति से कब संन्यास लेंगे।
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Kapil Sibal
- फोटो : Social Media
विस्तार
महाराष्ट्र में राकांपा नेता अजित पवार और आठ अन्य विधायकों का शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति को तमाशा करार दिया है। उन्हें ऐसा लगता है कि कानून भी इसकी इजाजत देता है।
अजित पवार ने रविवार को राकांपा में जबरदस्त विद्रोह छेड़ दिया था, जिससे पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा हो गई। वह उपमुख्यमंत्री पद के लिए शिंदे-भाजपा सरकार में शामिल हो गए। अपने एक ट्वीट में सिब्बल ने लिखा, 'महाराष्ट्र की राजनीति , यह कोई लोकतंत्र नहीं है बल्कि तमाशा बन गया है और कानून भी इसकी इजाजत दे रहा है। यह केवल सत्ता के बारे में है न कि लोगों के बारे में।'
अजित पवार ने बुधवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपने चाचा से पूछा कि वह सक्रिय राजनीति से कब संन्यास लेंगे। राकांपा में विभाजन के बाद आधे से भी कई ज्यादा विधायक अजित पवार के समर्थन में आ चुके हैं।
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शरद पवार और अजित पवार दोनों ने ही बुधवार को मुंबई में अलग अलग जगहों पर शक्ति प्रदर्शन के लिए बैठक बुलाई थी। 53 विधायकों में कम से कम 32 अजित पवार की बैठक में शामिल हुए थे, तो वहीं महज 18 विधायक शरद पवार की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।
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अजित पवार ने रविवार को राकांपा में जबरदस्त विद्रोह छेड़ दिया था, जिससे पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा हो गई। वह उपमुख्यमंत्री पद के लिए शिंदे-भाजपा सरकार में शामिल हो गए। अपने एक ट्वीट में सिब्बल ने लिखा, 'महाराष्ट्र की राजनीति , यह कोई लोकतंत्र नहीं है बल्कि तमाशा बन गया है और कानून भी इसकी इजाजत दे रहा है। यह केवल सत्ता के बारे में है न कि लोगों के बारे में।'
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अजित पवार ने बुधवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपने चाचा से पूछा कि वह सक्रिय राजनीति से कब संन्यास लेंगे। राकांपा में विभाजन के बाद आधे से भी कई ज्यादा विधायक अजित पवार के समर्थन में आ चुके हैं।
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शरद पवार और अजित पवार दोनों ने ही बुधवार को मुंबई में अलग अलग जगहों पर शक्ति प्रदर्शन के लिए बैठक बुलाई थी। 53 विधायकों में कम से कम 32 अजित पवार की बैठक में शामिल हुए थे, तो वहीं महज 18 विधायक शरद पवार की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे।