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Air Quality: मुंबई में नहीं दिखेंगे पेट्रोल-डीजल वाहन, चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के लिए पैनल गठित; जानें वजह
Tue, 28 Jan 2025 04:52 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 28 Jan 2025 04:52 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने देश की आर्थिक राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम और जड़ से खत्म करने की दिशा में पहला कदम उठाया है। दरअसल, सरकार ने पेट्रोल और डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के लिए पैनल गठित किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई शहर की खराब होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए मुंबई महानगर क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की संभावना का पता लगाने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है।
तीन महीने में सिफारिशों के साछ रिपोर्ट देगी समिति
22 जनवरी के सरकारी संकल्प (जीआर) के अनुसार, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाला पैनल अध्ययन करेगा और तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। जबकि, महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त, मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात), महानगर गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) के परियोजना प्रबंधक, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के अध्यक्ष और संयुक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन-1) सदस्य सचिव के रूप में अन्य लोग शामिल हैं।
9 जनवरी को बॉम्बे ने जताई थी गंभीर चिंता
जीआर में कहा गया है कि समिति को क्षेत्र के विशेषज्ञों को साथी सदस्यों के रूप में शामिल करने और उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त करने का अधिकार है। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिले के इलाके भी शामिल हैं। बता दें कि, 9 जनवरी को एक स्वप्रेरणा से जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई शहर में यातायात की भीड़भाड़ और बढ़ते प्रदूषण के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और समग्र स्थिरता पर इसके नकारात्मक प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
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वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत
उच्च न्यायालय ने बताया कि वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत है और मुंबई में वाहनों की संख्या और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वर्तमान उपाय अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। उच्च न्यायालय की टिप्पणियों पर कार्रवाई करते हुए, राज्य सरकार ने एमएमआर में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की व्यवहार्यता पर अध्ययन करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है। पीठ ने इस बात पर गहन अध्ययन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया कि क्या 'डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना उचित या व्यवहार्य होगा'।
20 साल पहले वीएम लाल समिति का हुआ था गठन
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मुद्दे को हल करने के लिए दो दशक से भी अधिक समय पहले वीएम लाल समिति का गठन किया था। इस समिति को प्रदूषण के स्रोतों और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव की पहचान करने और वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय सुझाने का काम सौंपा गया था।
महाराष्ट्र में 3.80 करोड़ वाहन पंजीकृत
मुंबई के चार आरटीओ कार्यालयों में कुल 48 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जबकि हर साल दोपहिया और कारों सहित 2 लाख से अधिक नए वाहन सड़कों पर आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन चार आरटीओ में पंजीकृत 2.54 लाख वाहनों में से, ताड़देव आरटीओ (एमएच 01) में 66,873 वाहन, वडाला आरटीओ (एमएच 03) में 66,692 वाहन, बोरीवली आरटीओ (एमएच 47) में 64,766 वाहन और अंधेरी आरटीओ (एमएच 01) में 55,967 वाहन पंजीकृत किए गए। महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार के अनुसार, राज्य के सभी आरटीओ में 29 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत किए गए, जिससे कुल संख्या 3.80 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पंजीकृत वाहनों की संख्या 2030 तक छह करोड़ और संभवतः 2035 तक 15 करोड़ के आंकड़े को छूने की संभावना है, जिसमें 6-8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर होगी।
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तीन महीने में सिफारिशों के साछ रिपोर्ट देगी समिति
22 जनवरी के सरकारी संकल्प (जीआर) के अनुसार, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाला पैनल अध्ययन करेगा और तीन महीने के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। जबकि, महाराष्ट्र के परिवहन आयुक्त, मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त (यातायात), महानगर गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) के परियोजना प्रबंधक, सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) के अध्यक्ष और संयुक्त परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन-1) सदस्य सचिव के रूप में अन्य लोग शामिल हैं।
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9 जनवरी को बॉम्बे ने जताई थी गंभीर चिंता
जीआर में कहा गया है कि समिति को क्षेत्र के विशेषज्ञों को साथी सदस्यों के रूप में शामिल करने और उनसे प्रतिक्रिया प्राप्त करने का अधिकार है। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में पड़ोसी ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिले के इलाके भी शामिल हैं। बता दें कि, 9 जनवरी को एक स्वप्रेरणा से जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई शहर में यातायात की भीड़भाड़ और बढ़ते प्रदूषण के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और समग्र स्थिरता पर इसके नकारात्मक प्रभाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
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वाहनों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत
उच्च न्यायालय ने बताया कि वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत है और मुंबई में वाहनों की संख्या और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वर्तमान उपाय अपर्याप्त साबित हो रहे हैं। उच्च न्यायालय की टिप्पणियों पर कार्रवाई करते हुए, राज्य सरकार ने एमएमआर में पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने और केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुमति देने की व्यवहार्यता पर अध्ययन करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है। पीठ ने इस बात पर गहन अध्ययन किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया कि क्या 'डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना उचित या व्यवहार्य होगा'।
20 साल पहले वीएम लाल समिति का हुआ था गठन
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के मुद्दे को हल करने के लिए दो दशक से भी अधिक समय पहले वीएम लाल समिति का गठन किया था। इस समिति को प्रदूषण के स्रोतों और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव की पहचान करने और वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के उपाय सुझाने का काम सौंपा गया था।
महाराष्ट्र में 3.80 करोड़ वाहन पंजीकृत
मुंबई के चार आरटीओ कार्यालयों में कुल 48 लाख वाहन पंजीकृत हैं, जबकि हर साल दोपहिया और कारों सहित 2 लाख से अधिक नए वाहन सड़कों पर आते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में इन चार आरटीओ में पंजीकृत 2.54 लाख वाहनों में से, ताड़देव आरटीओ (एमएच 01) में 66,873 वाहन, वडाला आरटीओ (एमएच 03) में 66,692 वाहन, बोरीवली आरटीओ (एमएच 47) में 64,766 वाहन और अंधेरी आरटीओ (एमएच 01) में 55,967 वाहन पंजीकृत किए गए। महाराष्ट्र परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार के अनुसार, राज्य के सभी आरटीओ में 29 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत किए गए, जिससे कुल संख्या 3.80 करोड़ हो गई। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पंजीकृत वाहनों की संख्या 2030 तक छह करोड़ और संभवतः 2035 तक 15 करोड़ के आंकड़े को छूने की संभावना है, जिसमें 6-8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर होगी।