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Maharashtra: बीएमसी नतीजों के बाद 'सामना' के जरिए शिंदे पर हमला; शिवसेना को बताया शाह-सेना, अवसरवाद का भी आरोप
Sat, 17 Jan 2026 02:19 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 17 Jan 2026 02:19 PM IST
सार
बीएमसी और महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना ने एकनाथ शिंदे पर तीखा हमला बोला। संपादकीय में उन्हें अवसरवादी बताते हुए चुनाव प्रक्रिया, चुनाव आयोग और सत्ता के दुरुपयोग पर गंभीर आरोप लगाए गए।
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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI Photos
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विस्तार
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में महायुति की बड़ी जीत के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के मुखपत्र ‘सामना’ ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनकी शिवसेना पर करारा हमला बोला है। संपादकीय में शिंदे गुट को शाह-सेना करार देते हुए उस पर अवसरवाद और विचारधारा विहीन राजनीति करने का आरोप लगाया गया है।
‘सत्ता और पैसा मिल जाए तो लहर बनाई जा सकती है’
सामना के संपादकीय में दावा किया गया कि मुंबई समेत 26 नगर निगमों में तथाकथित भाजपा लहर बनाई गई और उसी के सहारे शाह-सेना जैसी अवसरवादी ताकतें सत्ता तक पहुंचीं। लेख में कहा गया कि शिवसेना (यूबीटी)-मनसे गठबंधन ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग के कथित मनमाने रवैये ने परिणाम प्रभावित किए।
मतगणना और जश्न पर उठाए सवाल
संपादकीय में मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कहा गया कि शुक्रवार देर रात तक गिनती में अनियमितताएं होती रहीं, जबकि भाजपा ने परिणाम पूरी तरह घोषित होने से पहले ही जश्न शुरू कर दिया। इसे महाराष्ट्र और मराठी समाज के लिए चेतावनी बताया गया। सामना ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, इंक स्कैम, ईवीएम में हेरफेर, धन वितरण और फर्जी व दोहरे मतदान के सहारे चुनाव को प्रभावित किया गया।
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ये भी पढ़ें:- BMC Election Results: तेजस्वी से लेकर मर्जिया और सहर तक, जीत के चर्चित चेहरे; इनमें से दो महापौर पद की दावेदार
चुनाव आयोग और अमृत काल पर भी निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल पर तंज कसते हुए सामना ने कहा कि न तो चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं और न ही न्याय मिल रहा है। संपादकीय में दावा किया गया कि मतदान के 24 घंटे बाद तक भी आधिकारिक वोटिंग प्रतिशत जारी नहीं किया गया, जबकि भाजपा के पक्ष में एग्जिट पोल टीवी चैनलों पर तब चलाए गए जब मतदाता लाइन में खड़े थे।
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के आरोप
सामना ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी खुलेआम एक बीजेपी ऐप के जरिए मतदाताओं के नाम खोजते दिखे और कुछ अधिकारी सत्ताधारी दल की मदद करते नजर आए। चेतावनी दी गई कि यदि चुनाव आयोग इन आरोपों पर संज्ञान नहीं लेता, तो चुनाव कराने की जगह सीधे जनप्रतिनिधि नियुक्त कर दिए जाएं।
बीएमसी चुनाव के आंकड़े क्या कहते हैं
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
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‘सत्ता और पैसा मिल जाए तो लहर बनाई जा सकती है’
सामना के संपादकीय में दावा किया गया कि मुंबई समेत 26 नगर निगमों में तथाकथित भाजपा लहर बनाई गई और उसी के सहारे शाह-सेना जैसी अवसरवादी ताकतें सत्ता तक पहुंचीं। लेख में कहा गया कि शिवसेना (यूबीटी)-मनसे गठबंधन ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग के कथित मनमाने रवैये ने परिणाम प्रभावित किए।
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मतगणना और जश्न पर उठाए सवाल
संपादकीय में मतगणना प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए। कहा गया कि शुक्रवार देर रात तक गिनती में अनियमितताएं होती रहीं, जबकि भाजपा ने परिणाम पूरी तरह घोषित होने से पहले ही जश्न शुरू कर दिया। इसे महाराष्ट्र और मराठी समाज के लिए चेतावनी बताया गया। सामना ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, इंक स्कैम, ईवीएम में हेरफेर, धन वितरण और फर्जी व दोहरे मतदान के सहारे चुनाव को प्रभावित किया गया।
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ये भी पढ़ें:- BMC Election Results: तेजस्वी से लेकर मर्जिया और सहर तक, जीत के चर्चित चेहरे; इनमें से दो महापौर पद की दावेदार
चुनाव आयोग और अमृत काल पर भी निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमृत काल पर तंज कसते हुए सामना ने कहा कि न तो चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं और न ही न्याय मिल रहा है। संपादकीय में दावा किया गया कि मतदान के 24 घंटे बाद तक भी आधिकारिक वोटिंग प्रतिशत जारी नहीं किया गया, जबकि भाजपा के पक्ष में एग्जिट पोल टीवी चैनलों पर तब चलाए गए जब मतदाता लाइन में खड़े थे।
मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन के आरोप
सामना ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी खुलेआम एक बीजेपी ऐप के जरिए मतदाताओं के नाम खोजते दिखे और कुछ अधिकारी सत्ताधारी दल की मदद करते नजर आए। चेतावनी दी गई कि यदि चुनाव आयोग इन आरोपों पर संज्ञान नहीं लेता, तो चुनाव कराने की जगह सीधे जनप्रतिनिधि नियुक्त कर दिए जाएं।
बीएमसी चुनाव के आंकड़े क्या कहते हैं
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार:
- भाजपा: 89 सीटें
- शिवसेना (शिंदे गुट): 29 सीटें
- शिवसेना (UBT): 65 सीटें
- मनसे: 6 सीटें
- कांग्रेस: 24 सीटें
- AIMIM: 8 सीटें
- अन्य: 06
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