{"_id":"6784df5f30af9d6ccf02db8d","slug":"maharashtra-politics-sanjay-raut-in-trouble-for-his-statement-bjp-also-took-a-dig-news-in-hindi-2025-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'इंडिया' पर दिए बयान को लेकर बुरे फंसे संजय राउत; सहयोगी पार्टियों ने घेरा, भाजपा ने भी ली चुटकी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'इंडिया' पर दिए बयान को लेकर बुरे फंसे संजय राउत; सहयोगी पार्टियों ने घेरा, भाजपा ने भी ली चुटकी
Mon, 13 Jan 2025 03:09 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 13 Jan 2025 03:09 PM IST
सार
महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन के सभी नेता छिटक गए हैं। महाराष्ट्र में आप देख सकते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार कांग्रेस के खिलाफ हैं
विज्ञापन
विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेता
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र में हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई। दरअसल, उन्होंने कहा था कि इंडी गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बना था। लोकसभा चुनाव के बाद एक बैठक नहीं हुई। अपने इस बयान के बाद वे बुरे फंस गए। उनकी सहयोगी पार्टियों के नेता उन्हें घेरने लगे। इस बीच उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र में भाजपा नेता ने बताया कि विपक्षी गटबंधन इंडिया विघटित हो रहा है. क्योंकि उनके पास देश के विकास के लिए कोई विचारधारा और नीति नहीं है।
महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, "विपक्षी गठबंधन इंडिया टूट रहा है और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस के खिलाफ है। विपक्षी गठबंधन इंडिया के पास देश के विकास के लिए कोई विचारधारा और नीति नहीं है। गठबंधन के सभी नेता छिटक गए हैं। महाराष्ट्र में आप देख सकते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार कांग्रेस के खिलाफ हैं, क्योंकि उनके पास कोई विचारधारा नहीं है।"
भाजपा नेता ने बताया कि भाजपा, शिवसेना और राकांपा की महायुति गठबंधन के पास विचारधारा है और ये हमेशा एकजूट रहेंगे। बावनकुले ने कहा कि संरक्षक मंत्रियों को नियुक्त करने के बारे में अंतिम निर्णय 15-16 जनवरी तक लिया जाएगा। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने दो से तीन बैठकें बुलाईं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़कि बहिन योजना जारी रहेगा और किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन फर्ती लाभार्थियों का भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सीपीआई ने दी प्रतिक्रिया
संजय राउत के इंडी गठबंधन वाले बयान पर सीपीआई ने भी प्रतिक्रिया दी। सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा, "इससे मालूम चलता है कि इंडी गठबंधन को इस बात पर गंभीर आत्मनिरीक्षण करना होगा कि एकता को कैसे मजबूत किया जाए। देश और संविधान को बचाने के लिए कैसे आगे बढ़ा जाए। दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद पहली बैठक पटना में हुई थी, जहां साझा संकल्प देश बचाओ, भाजपा हटाओ का एलान किया गया था। अगर इंडी गठबंधन उस प्रतिबद्धतता को जारी रखता है तो उस एकता को मजबूत किया जा सकता है। हमें देश और उसके भविष्य के लिए काम करना होगा।"
संबंधित वीडियो
विज्ञापन
महाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने नागपुर में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा, "विपक्षी गठबंधन इंडिया टूट रहा है और महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस के खिलाफ है। विपक्षी गठबंधन इंडिया के पास देश के विकास के लिए कोई विचारधारा और नीति नहीं है। गठबंधन के सभी नेता छिटक गए हैं। महाराष्ट्र में आप देख सकते हैं कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार कांग्रेस के खिलाफ हैं, क्योंकि उनके पास कोई विचारधारा नहीं है।"
विज्ञापन
भाजपा नेता ने बताया कि भाजपा, शिवसेना और राकांपा की महायुति गठबंधन के पास विचारधारा है और ये हमेशा एकजूट रहेंगे। बावनकुले ने कहा कि संरक्षक मंत्रियों को नियुक्त करने के बारे में अंतिम निर्णय 15-16 जनवरी तक लिया जाएगा। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने दो से तीन बैठकें बुलाईं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़कि बहिन योजना जारी रहेगा और किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन फर्ती लाभार्थियों का भत्ता बंद कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
सीपीआई ने दी प्रतिक्रिया
संजय राउत के इंडी गठबंधन वाले बयान पर सीपीआई ने भी प्रतिक्रिया दी। सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा, "इससे मालूम चलता है कि इंडी गठबंधन को इस बात पर गंभीर आत्मनिरीक्षण करना होगा कि एकता को कैसे मजबूत किया जाए। देश और संविधान को बचाने के लिए कैसे आगे बढ़ा जाए। दरअसल, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद पहली बैठक पटना में हुई थी, जहां साझा संकल्प देश बचाओ, भाजपा हटाओ का एलान किया गया था। अगर इंडी गठबंधन उस प्रतिबद्धतता को जारी रखता है तो उस एकता को मजबूत किया जा सकता है। हमें देश और उसके भविष्य के लिए काम करना होगा।"
संबंधित वीडियो