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Maharashtra Crisis: हमने 10 दिन के लिए सुनवाई क्या टाली, आपने सरकार बना ली? शिंदे के वकील से बोले सीजेआई

Wed, 03 Aug 2022 01:58 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 03 Aug 2022 01:58 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट की ओर से दाखिल 5 याचिकाओं पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की तरफ से कई दलीलें दी गईं। हालांकि, कोई निष्कर्ष नहीं निकलने पर आज की सुनवाई टाल दी गई और कल  की नई तारीख दी गई।

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Maharashtra Political Crisis, Supreme court Hearing Eknath Shinde and Uddhav Thackeray Shivsena
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे - फोटो : Twitter@ CMO Maharashtra

विस्तार

महाराष्ट्र में शिवसेना पर अधिकार को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से सुनवाई हुई है। इस सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से तीखी बहस हुई। हालांकि, इन दलीलों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शिंदे गुट से कुछ मुश्किल सवाल भी किए।  वहीं कोई निष्कर्ष नहीं निकलने की वजह से आज की सुनवाई भी टाल दी गई और कल के लिए नई तारीख दी गई। आइए जानते हैं दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी ओर से क्या सब दलीलें दीं...

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यहां पढ़ें दलीलें

  • उद्धव कैंप के वकील कपिल सिब्बल ने दलील देते हुए कहा कि अगर दो  तिहाई विधायक अलग होना चाहते हैं तो उन्हें किसी से विलय करना होगा या नई पार्टी बनानी होगी। वह नहीं कह सकते कि वह मूल पार्टी हैं। इसपर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मतलब आप कह रहे हैं कि उन्हें BJP में विलय करना चाहिए था या अलग पार्टी बनानी थी। फिर सिब्बल ने कहा कि कानूनन यही करना था।
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  • चीफ जस्टिस ने पूछा कि क्या सभी पक्षों ने मामले से जुड़े कानूनी सवालों का संकलन जमा करवा दिया है। राज्यपाल के वकील सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मैं अभी जमा करवा रहा हूं।
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पार्टी सिर्फ विधायकों का समूह नहीं होती: सिब्बल
सिब्बल ने कहा कि पार्टी सिर्फ विधायकों का समूह नहीं होती है। इन लोगों को पार्टी की बैठक में बुलाया गया। वह नहीं आए। डिप्टी स्पीकर को चिट्ठी लिख दी। अपना व्हिप नियुक्त कर दिया। असल में उन्होंने पार्टी छोड़ी है। वह मूल पार्टी होने का दावा नहीं कर सकते। आज भी शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे हैं। सिब्बल ने कहा कि जब संविधान में 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी प्रावधान) को जोड़ा गया, तो उसका कुछ उद्देश्य था। अगर इस तरह के दुरुपयोग को अनुमति दी गई तो विधायकों का बहुमत सरकार को गिरा कर गलत तरीके से सत्ता पाता रहेगा और पार्टी पर भी दावा करेगा। सिब्बल ने कहा कि पार्टी की सदस्यता छोड़ने वाले विधायक अयोग्य हैं। चुनाव आयोग जाकर पार्टी पर दावा कैसे कर सकते हैं?


हमने 10 दिन के लिए सुनवाई क्या टाली, आपने सरकार बना ली?: सीजेआई
मुख्य न्यायाधीश- हमने 10 दिन के लिए सुनवाई टाली थी। इस बीच आपने सरकार बना ली। स्पीकर बदल गए। अब आप कह रहे हैं, सारी बातें निरर्थक हैं।
साल्वे- मैं ऐसा नहीं कह रहा कि इन बातों पर अब विचार ही नहीं होना चाहिए
मुख्य न्यायाधीश - ठीक है हम सभी मुद्दों को सुनेंगे

हरीश साल्वे और सिब्बल के बीच बहस
शिंदे गुट के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि जिस नेता को बहुमत का समर्थन न हो। वह कैसे बना रह सकता है? सिब्बल ने जो बातें कही हैं, वह प्रासंगिक नहीं हैं इसपर साल्वे ने कहा कि किसने इन विधायकों को अयोग्य ठहरा दिया? जब पार्टी में अंदरूनी बंटवारा हो चुका हो तो दूसरे गुट की बैठक में न जाना अयोग्यता कैसे हो गया?


सीजेआई और साल्वे के बीच बहस
CJI- इस तरह से तो पार्टी का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। विधायक चुने जाने के बाद कोई कुछ भी कर सकेगा।
साल्वे- हमारे यहां एक भ्रम है कि किसी नेता को ही पूरी पार्टी मान लिया जाता है। हम अभी भी पार्टी में हैं। हमने पार्टी नहीं छोड़ी है। हमने नेता के खिलाफ आवाज उठाई है।

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