फोन टेपिंग का मुद्दा: महाराष्ट्र में फिर गरमाया मामला, एनसीपी ने पूछा- क्या रश्मि शुक्ला ने मुख्यमंत्री से ली थी अनुमति
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने बांबे हाईकोर्ट से कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ फोन नंबर टैप करने के लिए अनुमति दी थी ताकि पुलिस के स्थानांतरण एवं पदस्थापन में भ्रष्टाचार की शिकायतों का सत्यापन किया जा सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र में एक बार फिर फोन टेपिंग का मुद्दा गरमा गया है। एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने बृहस्पतिवार को सवाल किया कि क्या रश्मि शुक्ला ने फोन कॉल टैप करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमति ली थी।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने बुधवार को बांबे हाईकोर्ट से कहा था कि महाराष्ट्र सरकार ने कुछ फोन नंबर टैप करने के लिए अनुमति दी थी ताकि पुलिस के स्थानांतरण एवं पदस्थापन में भ्रष्टाचार की शिकायतों का सत्यापन किया जा सके। उनके वकील महेश जेठमलानी ने कहा था कि रश्मि शुक्ला ने राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सीताराम कुंटे से अनुमति ली थी।
नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि रश्मि शुक्ला ने राजद्रोह और देश हित के बहाने अनुमति मांगी थी, लेकिन वास्तव में राजनीतिक विरोधियों के कॉल टैप किए। अवैध फोन टैपिंग और पुलिस पदस्थापना से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को कथित तौर पर लीक करने के लिए मुंबई पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज प्राथमिकी को शुक्ला ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वह वर्तमान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दक्षिण जोन में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर हैदराबाद में तैनात हैं।