फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Mumbai ›   Maharashtra Nevali movement: under obstacle of farmers Land mafia increase the movement

महाराष्ट्रः किसानों की आड़ में भूमाफियाओं ने काटा बवाल

Fri, 23 Jun 2017 10:44 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 23 Jun 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
Maharashtra Nevali movement: under obstacle of farmers Land mafia increase the movement

महाराष्ट्र में मुंबई से सटे ठाणे जिले के कल्याण स्थित नेवाली गांव में नौसेना की जमीन को लेकर हुए संघर्ष को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। वहीं, किसान आंदोलन के अचानक हिंसक होने के नए तथ्य सामने आए हैं। कहा जा रहा है कि किसान आंदोलन के पीछे भूमाफियाओं का हाथ है। किसानों की आड़ में भूमाफियाओं ने बवाल काटा जिससे किसानों का आंदोलन हिंसक हो गया।

विज्ञापन


ब्रिटिश शासनकाल में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान नेवाली सहित 18 गांवों की 650 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इस जमीन के  मालिकाना हक के  लिए किसानों की चौथी पीढ़ी संघर्ष कर रही है। दूसरी ओर, नौसेना की जमीन को कुछ भूमाफियाओं ने बेचने का कारोबार शुरू किया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आंदोलन हिंसक होने के पीछे इन माफियाओं की बड़ी भूमिका है। इसके चलते गुरुवार को किसानों का आंदोलन उग्र हो गया था, जिसमें पुलिस अधिकारी समेत एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और पुलिस वैन सहित कई वाहनों में आग लगा दी गई थी। वहीं, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक लोगों को चोटें आई हैं। कल्याण पूर्व स्थित मेट्रो हॉस्पिटल में उनका उपचार शुरू है।
विज्ञापन


इस घटना के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच कर रहे डीसीपी सुनील भारद्वाज ने 'अमर उजाला' को बताया कि हिल लाइन में तीन और मानपाड़ा पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आधी रात को आंदोलनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद रात में ही नेवाली गांव में संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ कोंबिंग ऑपरेशन चलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरन उनके घरों और गाड़ियों के कांच तोड़ दिए, जबकि डीसीपी भारद्वाज ने कहा कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए आपरेशन चलाया गया लेकिन किसी का कोई नुकसान नहीं किया गया। इस घटना के बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मौके पर पहुंचकर मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जानबूझकर इस आंदोलन को भड़काया है। किसानों को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए था। पाटिल ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से इस मामले के जांच की मांग की है। 


दो पुलिसकर्मियों को आग में झोंक देना चाहते थे आंदोलनकारी
नेवाली में हुए किसान आंदोलन के दौरान दो पुलिसकर्मियों को जलाकर मार डालने की कोशिश की गई। किसानों की बर्बर पिटाई से जख्मी हुए रिजर्व पुलिस बल के जवान सोमनाथ पाखरे ने यह बयान दिया है। पाखरे ने कहा है कि रिजर्व पुलिस बल के  जवान मोर्चा स्थल पर बंदोबस्त में गए थे और उन पर 19 राइफल को संभालने की जिम्मेदारी थी। तभी वहां करीब 50 से 60 लोग आ धमके। उस समय पाखरे के अलावा पुलिस बैन का ड्राइवर मुतार तड़वी और सब इंस्पेक्टर ठोबरे ही मौजूद थे। उसी वक्त भीड़ ने उन पर लोहे की राड से हमला बोल दिया और बैन में आग लगा दी। इसी आग में उसे और तड़वी को फेंकने की कोशिश की गई लेकिन, किसी तरह से बच गए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed