{"_id":"64042a01cbafb6763907c3ff","slug":"maharashtra-mla-bachchu-kadu-said-assam-people-eat-dogs-stray-dogs-problem-will-solve-2023-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharashtra: 'आवारा कुत्तों को असम भेज दें, वहां के लोग इन्हें खाते हैं', विधायक के बयान पर हंगामा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Maharashtra: 'आवारा कुत्तों को असम भेज दें, वहां के लोग इन्हें खाते हैं', विधायक के बयान पर हंगामा
Sun, 05 Mar 2023 11:04 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 05 Mar 2023 11:04 AM IST
सार
जानवरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता और पशु प्रेमियों ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि विधायक का यह बयान अमानवीय और अपमानजनक है।
विज्ञापन
विधायक बच्चू कादु
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराष्ट्र के विधायक और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कादु का कहना है कि असम के लोग कुत्ते खाते हैं, इसलिए आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए उन्हें असम भेज देना चाहिए। विधानसभा में आवारा कुत्तों और उनसे होने वाली परेशानियों पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान विधायक प्रताप सरनाईक और अतुल भटकलकर ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखी। इसी दौरान विधायक बच्चू कादु ने अपने संबोधन में विवादित टिप्पणी कर दी।
विज्ञापन
बच्चू कादु ने कहा कि आवारा कुत्तों की असम में मांग है। वहां उनकी अच्छी कीमत 8 हजार रुपए तक मिल सकती है। इससे राज्य में आवारा कुत्तों की संख्या भी नियंत्रित रहेगी। कुत्तों को असम भेज देना चाहिए। विधायक ने कहा कि अभी एक शहर में यह प्रयोग करना चाहिए। विधायक के इस बयान पर काफी हंगामा हो गया है। जानवरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता और पशु प्रेमियों ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि विधायक का यह बयान अमानवीय और अपमानजनक है।
विज्ञापन
इससे पहले झारखंड के एक विधायक ने भी ऐसा ही बयान दिया था। झारखंड के बोकारो से भाजपा विधायक बिरंची नारायन ने कहा था कि आवारा कुत्ते लोगों पर हमले कर रहे हैं और अगर सरकार इसका कोई समाधान नहीं कर सकती तो नगालैंड के लोगों को बुला लो, ये दिक्कत खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन