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Maharashtra: वकील हत्या मामले में हाईकोर्ट ने 13 साल बाद सुनाया फैसला, सुरक्षा गार्ड की उम्रकैद की सजा बरकरार

Mon, 10 Nov 2025 04:52 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 10 Nov 2025 04:52 PM IST
सार

Lawyer Murder Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2012 में वकील पल्लवी पुरकायस्थ की हत्या के मामले में दोषी सुरक्षा गार्ड सज्जाद मुगल पठान की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। अदालत ने सरकार और पीड़िता के पिता की अपील खारिज करते हुए कहा कि यह मामला ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ में नहीं आता। 

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maharashtra lawyer murder case 2012 bombay high court sentence lifetime prision to security guard
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई की वकील पल्लवी पुरकायस्थ की हत्या के मामले में दोषी सुरक्षा गार्ड सज्जाद मुगल पठान की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी की अपील को खारिज कर दी। साथ ही महाराष्ट्र सरकार व पीड़िता के पिता द्वारा सजा बढ़ाने की मांग वाली अपील को भी खारिज कर दिया।

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जस्टिस एएस गडकरी और नीला गोखले की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सेशन कोर्ट का फैसला पूरी तरह साक्ष्यों पर आधारित है। अदालत ने यह भी माना कि यह मामला रेयर ऑफ द रेयरेस्ट की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मौत की सजा देना उचित नहीं होगा। सज्जाद पठान को 2015 में मुंबई सत्र न्यायालय ने हत्या, छेड़छाड़ और आपराधिक घुसपैठ के आरोप में दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
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हत्या की पृष्ठभूमि
पल्लवी पुरकायस्थ दिल्ली स्थित एक आईएएस अधिकारी की बेटी थी। वो मुंबई में अभिनेता-निर्देशक फरहान अख्तर की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड में लीगल एडवाइजर के रूप में काम करती थी। वह अपने पार्टनर अविक सेनगुप्ता के साथ वडाला स्थित फ्लैट में किराए पर रहती थी। 9 अगस्त 2012 की सुबह अविक ने घर लौटकर देखा कि पल्लवी का शव खून से सना हुआ था। जांच में पता चला कि आरोपी सज्जाद पठान उसी इमारत में सुरक्षा गार्ड था। उसीने बिजली काटकर घर में घुसने की योजना बनाई थी।
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कैसे हुई हत्या?
पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले पठान ने जानबूझकर पल्लवी के फ्लैट की बिजली काट दी थी ताकि वह मरम्मत के बहाने घर की चाबी हासिल कर सके। 8 और 9 अगस्त की रात को उसने उसी चाबी से घर में घुसकर पल्लवी से छेड़छाड़ की कोशिश की। जब पल्लवी ने विरोध किया और भागने की कोशिश की तो उसने वहीं गला काटकर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

फरारी और गिरफ्तारी
घटना के अगले दिन मुंबई पुलिस ने आरोपी को मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया, जब वह सूरत होते हुए जम्मू-कश्मीर भागने की योजना बना रहा था। फरवरी 2016 में नासिक जेल से पैरोल पर रिहा होने के बाद वह वापस नहीं लौटा, लेकिन 2023 में पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। हाईकोर्ट ने अब सत्र न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखते हुए कहा कि न्याय की दृष्टि से यह सजा पर्याप्त है और आरोपी के अपराध की गंभीरता को देखते हुए उसे किसी राहत का पात्र नहीं ठहराया जा सकता।

 

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