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Maharashtra: भाजपा नेता दारेकर बोले, महाराष्ट्र सरकार ने करोड़ों रुपये के सरकारी आदेश किए जारी, संदेह हो रहा
Tue, 28 Jun 2022 11:15 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 28 Jun 2022 11:15 PM IST
सार
दारेकर ने कहा, राज्य सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है कि वह इतने कम समय में इतने सारे सरकारी आदेश क्यों जारी कर रही है। महा विकास अघाड़ी के अस्थिर होने के बाद से अधिकांश सरकारी आदेश पिछले कुछ दिनों में लिए गए हैं।
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भाजपा नेता प्रवीण दारेकर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने मंगलवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी सरकार ने मुख्य घटक शिवसेना में विद्रोह के बीच कई हजार करोड़ रुपये के सरकारी आदेश जारी किए हैं लेकन अनिवार्य होने के बावजूद इनमें से कईयों का विवरण राज्य पोर्टल पर अपलोड नहीं किया।
एमएलसी दारेकर ने कहा कि यह कदम संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इतने सारे सरकारी आदेश जारी करना और इस गति से महत्वपूर्ण निर्ण लेना अनुचित है जब राज्य सरकार अल्पमत में लग रही है।
राज्यपाल कोश्यारी को लिखा पत्र
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने पहले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए एक पत्र भेजा है क्योंकि महाविकास अघाड़ी सरकार ने अचानक कई हजार करोड़ रुपये के सैकड़ों सरकारी आदेश जारी किए हैं। कई सरकारी आदेशों के विवरण महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए गए हैं जबकि यह अनिवार्य हैं।
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'राज्य सरकार की मंशा पर संदेह'
दारेकर ने कहा, यह राज्य सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है कि वह इतने कम समय में इतने सारे सरकारी आदेश क्यों जारी कर रही है। महा विकास अघाड़ी के अस्थिर होने के बाद से अधिकांश सरकारी आदेश पिछले कुछ दिनों में लिए गए हैं। सरकार के अल्पमत में होने पर इतने सारे सरकारी आदेश जारी करना और महत्वपूर्ण निर्णय लेना अनुचित है।
एक दिन में ही जारी किए 160 सरकारी आदेश: दारेकर
दारेकर ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में दावा किया है कि एक ही दिन में 160 सरकारी आदेश जारी किेए गए। उन्होंने कहा कि वह आभारी हैं कि इन आदेशों का विवरण प्रदान करने के लिए कहा गया है। इनमें करदाताओं का पैसा शामिल है।
उन्होंने कहा, "17 और 27 जून के बीच कुल 32 विभागों ने 443 आदेश जारी किए। जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने सबसे अधिक 152 सरकारी आदेश जारी किए, इसके बाद मृदा और जल संरक्षण ने 32 जारी किए। स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने 27 सरकारी आदेश जारी किए, इसके बाद राजस्व और वन से 23, सार्वजनिक स्वास्थ्य से 22, जल संसाधन से 20, पीडब्ल्यूडी से 19 और सामाजिक न्याय विभाग से 17 सरकारी आदेश जारी किए गए।
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एमएलसी दारेकर ने कहा कि यह कदम संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि इतने सारे सरकारी आदेश जारी करना और इस गति से महत्वपूर्ण निर्ण लेना अनुचित है जब राज्य सरकार अल्पमत में लग रही है।
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राज्यपाल कोश्यारी को लिखा पत्र
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैंने पहले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से हस्तक्षेप करने का अनुरोध करते हुए एक पत्र भेजा है क्योंकि महाविकास अघाड़ी सरकार ने अचानक कई हजार करोड़ रुपये के सैकड़ों सरकारी आदेश जारी किए हैं। कई सरकारी आदेशों के विवरण महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए गए हैं जबकि यह अनिवार्य हैं।
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'राज्य सरकार की मंशा पर संदेह'
दारेकर ने कहा, यह राज्य सरकार की मंशा पर संदेह पैदा करता है कि वह इतने कम समय में इतने सारे सरकारी आदेश क्यों जारी कर रही है। महा विकास अघाड़ी के अस्थिर होने के बाद से अधिकांश सरकारी आदेश पिछले कुछ दिनों में लिए गए हैं। सरकार के अल्पमत में होने पर इतने सारे सरकारी आदेश जारी करना और महत्वपूर्ण निर्णय लेना अनुचित है।
एक दिन में ही जारी किए 160 सरकारी आदेश: दारेकर
दारेकर ने राज्यपाल को लिखे अपने पत्र में दावा किया है कि एक ही दिन में 160 सरकारी आदेश जारी किेए गए। उन्होंने कहा कि वह आभारी हैं कि इन आदेशों का विवरण प्रदान करने के लिए कहा गया है। इनमें करदाताओं का पैसा शामिल है।
उन्होंने कहा, "17 और 27 जून के बीच कुल 32 विभागों ने 443 आदेश जारी किए। जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग ने सबसे अधिक 152 सरकारी आदेश जारी किए, इसके बाद मृदा और जल संरक्षण ने 32 जारी किए। स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने 27 सरकारी आदेश जारी किए, इसके बाद राजस्व और वन से 23, सार्वजनिक स्वास्थ्य से 22, जल संसाधन से 20, पीडब्ल्यूडी से 19 और सामाजिक न्याय विभाग से 17 सरकारी आदेश जारी किए गए।