{"_id":"6540dfedbc71949f9b06c966","slug":"maharashtra-govt-accepts-shinde-panel-report-on-procedure-to-grant-kunbi-certificates-to-marathas-2023-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kunbi Certificates: कुनबी प्रमाण पत्र देने को लेकर शिंदे पैनल की पहली रिपोर्ट सरकार ने स्वीकारी; कही यह बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kunbi Certificates: कुनबी प्रमाण पत्र देने को लेकर शिंदे पैनल की पहली रिपोर्ट सरकार ने स्वीकारी; कही यह बात
Tue, 31 Oct 2023 04:37 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 31 Oct 2023 04:37 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तय करने के लिए नियुक्त उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे की अध्यक्षता वाली समिति की पहली रिपोर्ट मंगलवार को स्वीकार कर ली।
विज्ञापन
एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र में मराठाओं को आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। मनोज जरांगे ने सोमवार को आंदोलन स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर सरकार मांगे पूरी नहीं करती हैं तो महाराष्ट्र में आंदोलन ज्यादा तेज किया जाएगा। बता दें मनोज जरांगे आरक्षण को लेकर दूसरी बार आंदोलन पर बैंठे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया पर शिेंद पैनल का गठन किया था।
महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तय करने के लिए नियुक्त उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे की अध्यक्षता वाली समिति की पहली रिपोर्ट मंगलवार को स्वीकार कर ली। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुनबी समुदाय ओबीसी श्रेणी में आरक्षण के लिए पात्र है।
शिंदे पैनल की पहली रिपोर्ट
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि ओबीसी आयोग मराठा समुदाय के शैक्षिक और सामाजिक पिछड़ेपन का आकलन करने के लिए ताजा डेटा इकट्ठा करेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया, न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति की पहली रिपोर्ट जमा कर दी गई है। मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि मराठा आरक्षण की मांग से संबंधित कानूनी मुद्दों पर सरकार को सलाह देने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोंसले और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे और मारोती गायकवाड़ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया जाएगा। वहीं आंदोलन पर बैठे जरांगे से फोन पर मुख्यमंत्री शिंदे ने बात की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया था कि मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र देने पर कैबिनेट बैठक में मजबूत फैसला लिया जाएगा।
मराठा आरक्षण पर राज्य सरकार की उपसमिति के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, राज्य मंत्रिमंडल राज्य मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार की उपचारात्मक याचिका को त्रुटि मुक्त बनाने के लिए आवश्यक सर्वेक्षण और डेटा संग्रह करने के लिए राज्य पिछड़ा आयोग को एक सिफारिश की। पाटिल ने कहा, कैबिनेट ने आयोग से इस कार्य के लिए सभी आवश्यक राज्य मशीनरी तैनात करने और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) जैसे निजी संस्थानों को शामिल करने को भी कहा। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अब महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका स्वीकार कर ली है और वह निकट भविष्य में इसकी सुनवाई करने के इच्छुक है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र में मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया तय करने के लिए नियुक्त उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संदीप शिंदे की अध्यक्षता वाली समिति की पहली रिपोर्ट मंगलवार को स्वीकार कर ली। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुनबी प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुनबी समुदाय ओबीसी श्रेणी में आरक्षण के लिए पात्र है।
विज्ञापन
शिंदे पैनल की पहली रिपोर्ट
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया कि ओबीसी आयोग मराठा समुदाय के शैक्षिक और सामाजिक पिछड़ेपन का आकलन करने के लिए ताजा डेटा इकट्ठा करेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया, न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) संदीप शिंदे समिति की पहली रिपोर्ट जमा कर दी गई है। मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
विज्ञापन
कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि मराठा आरक्षण की मांग से संबंधित कानूनी मुद्दों पर सरकार को सलाह देने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश दिलीप भोंसले और सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे और मारोती गायकवाड़ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया जाएगा। वहीं आंदोलन पर बैठे जरांगे से फोन पर मुख्यमंत्री शिंदे ने बात की। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया था कि मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र देने पर कैबिनेट बैठक में मजबूत फैसला लिया जाएगा।
मराठा आरक्षण पर राज्य सरकार की उपसमिति के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, राज्य मंत्रिमंडल राज्य मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार की उपचारात्मक याचिका को त्रुटि मुक्त बनाने के लिए आवश्यक सर्वेक्षण और डेटा संग्रह करने के लिए राज्य पिछड़ा आयोग को एक सिफारिश की। पाटिल ने कहा, कैबिनेट ने आयोग से इस कार्य के लिए सभी आवश्यक राज्य मशीनरी तैनात करने और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस) जैसे निजी संस्थानों को शामिल करने को भी कहा। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने अब महाराष्ट्र सरकार की उपचारात्मक याचिका स्वीकार कर ली है और वह निकट भविष्य में इसकी सुनवाई करने के इच्छुक है।