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Coronavirus : 17 हजार कैदियों को अस्थाई रूप से रिहा करेगी महाराष्ट्र सरकार
Tue, 12 May 2020 07:16 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 12 May 2020 07:16 PM IST
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अनिल देशमुख
- फोटो : ट्विटर
देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र की सरकार ने राज्य की जेलों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए 17 हजार कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का फैसला किया है। राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि इनमें से पांच हजार विचाराधीन कैदियों को पहले ही रिहा किया जा चुका है।
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देशमुख ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने यह फैसला मुंबई की ऑर्थर रोड जेल में 185 कैदियों को इस जानलेवा महामारी से संक्रमित पाए जाने की घटना को देखते हुए लिया है। इससे पहले राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर राज्य की जेलों में भीड़ कम करने के उद्देश्य से करीब 50 फीसदी कैदियों को अस्थायी रूप से रिहा करने का फैसला किया था।
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राज्य गृह मंत्री देशमुख ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश में कहा, 'ऑर्थर रोड जेल में 185 कैदियों को कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है, जिनका फिलहाल इलाज चल रहा है। अब राज्य सरकार ने राज्य की जेलों में कैद 35 हजार कैदियों में से 17 हजार को अस्थायी रूप से परोल पर रिहा करने का पैसला किया है, जिससे अन्य जेलों में संक्रमण न फैल सके।'
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देशमुख ने कहा कि पांच हजार कैदियों को पहले ही रिहा किया जा चुका है और सात साल के लिए सजा काट रहे तीन हजार कैदियों को व इससे ऊपर की सजा काट रहे नौ हजार कैदियों को और रिहा किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म, बड़े आर्थिक अपराधों, बैंक घोटालों और मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट), टाडा (टेररिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज) आदि के तहत कैद अपराधियों को रिहा नहीं किया जाएगा।
महाराष्ट्र के जेलों के तकरीबन ३५,००० कैदियों में से १७,००० को रिहा करने का बड़ा निर्णय गृहमंत्रालय ने क्यों लिया... #MaharashtraGovtCares#WarOnVirus pic.twitter.com/GXBefERAFp
— ANIL DESHMUKH (@AnilDeshmukhNCP) May 12, 2020
उन्होंने कहा कि सरकार ने आठ जेलों को पहले ही लॉकडाउन कर दिया है जहां जब तक कोरोना वायरस संबंधी प्रतिबंध लागू हैं तब तक के लिए किसी भी प्रकार की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।