गांधी पर विवादित ट्वीट कर फंसी आईएएस निधि चौधरी, विपक्ष के गुस्से के बाद अब सरकार ने मांगा जवाब
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महाराष्ट्र कैडर में 2012 बैच की आईएएस निधि चौधरी अपने एक ट्वीट से विवादों में घिरती जा रही हैं। गांधी पर किए गए उनके ट्वीट पर अब राज्य सरकार ने उनसे जवाब मांगा है। दरअसल निधि ने गांधी को लेकर एक ट्वीट किया था जिसके बाद एनसीपी, कांग्रेस ने उनकी बर्खास्तगी का मुद्दा उठाया। विवाद बढ़ता देख निधि ने अपना ट्वीट भी डिलीट कर दिया था। निधि मुंबई म्यूनिसिपल में (विशेष ) ज्वाइंट कमिश्नर हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि ‘गांधी की 150 सालों की जयंती मनाना बेतुका है। यही मौका है जब हम उनका (गांधी) चेहरा नोटों से हटा दें। दुनिया की सभी जगहों से उनकी मूर्तियां हटा दें। उनके नाम पर बने संस्थानों और सड़कों का नाम बदल दें। यह एक वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।’
Maharashtra State Government has sought explanations from IAS Officer Nidhi Choudhari on her controversial tweet on Mahatma Gandhi.
— ANI (@ANI) June 3, 2019विज्ञापन
विपक्ष के निशाने पर निधि का ट्वीट
निधि ने अपने ट्वीट में कुछ और भी बातें लिखी थीं। जिससे उनका ट्वीट विपक्ष के निशाने पर आ गया था। निधि ने आगे लिखा,‘थैंक यू गोडसे 30.1.48 के लिए। इस ट्वीट के अंत में उन्होंने एक क्राइंग इमोजी लगा दी थी।’ निधि ने यह ट्वीट 17 मई को किया था। इससे पहले वे खुद को सीता और द्रौपदी जैसे अनुभव से गुजरने वाली महिला भी बता चुकी हैं।
विवाद बढ़ने पर निधि ने दी थी ये सफाई
विवाद बढ़ने पर निधि ने ट्वीट डिलीट किया और कहा,‘17 मई को गांधी जी पर की गई पोस्ट मैंने डिलीट कर दी है। कुछ लोग गलत मतलब निकाल रहे हैं। कई लोग मुझे साल 2011 से ट्विटर पर फॉलो कर रहे हैं। वे बापू के लिए मेरी श्रद्धा को जानते हैं। मैंने कभी उनका अपमान नहीं किया। मैं आखिरी सांस तक उनका सम्मान करती रहूंगी।’
विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका की उप निगमायुक्त निधि चौधरी ने शनिवार को कहा कि ट्वीट व्यंग्यात्मक था और उसकी गलत व्याख्या की गई है। विवादित ट्वीट को डिलीट कर दिया गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महात्मा गांधी के लिए ‘अपमानजनक’ ट्वीट और गोडसे का ‘‘महिमामंडन’’ करने को लेकर अधिकारी को निलंबित करने की मांग की।
शनिवार को राकांपा नेता जितेन्द्र अवहद ने चौधरी को निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। आलोचनाओं के बाद चौधरी ने दावा किया कि महात्मा गांधी की आत्मकथा उनकी सबसे पसंदीदा पुस्तक है और उनके ट्वीट को ‘गलत समझा’ गया है।
उन्होंने शनिवार को फिर से ट्वीट किया, ‘जिन्होंने मेरे 17-05-2019 के ट्वीट को गलत समझा है, उन्हें मेरी टाइम लाइन देखनी चाहिए। पिछले कुछ महीने के ट्वीट भी अपने आप में पर्याप्त हैं। मैं व्यंग्य के साथ लिखे इस ट्वीट को गलत तरीके से समझे जाने से बहुत दुखी हूं।’
चौधरी ने लिखा है, ‘मैं कभी गांधी जी का अपमान नहीं करूंगी। गांधी जी हमारे राष्ट्रपिता हैं और 2019 में हम सभी को देश को बेहतर बनाने के लिए कुछ करना चाहिए। आशा करती हूं कि मेरे ट्वीट को गलत समझने वाले लोग उसमें निहित व्यंग्य को समझेंगे।’