फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Maharashtra government said in Bombay High Court If Parambir Singh cooperate in investigation police will not arrest till 9th June

महाराष्ट्र: सरकार ने हाईकोर्ट में कहा- जांच में सहयोग करें तो परमबीर सिंह को 9 जून तक गिरफ्तार नहीं करेगी पुलिस

Tue, 25 May 2021 03:02 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: देव कश्यप Updated Tue, 25 May 2021 03:02 AM IST
सार

  • परमबीर सिंह के खिलाफ अत्याचार मामले में महाराष्ट्र सरकार का हाईकोर्ट में बयान

विज्ञापन
Maharashtra government said in Bombay High Court If Parambir Singh cooperate in investigation police will not arrest till 9th June
परमबीर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा है कि मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह यदि जांच में सहयोग करेंगे तो उन्हें नौ जून तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। सिंह के खिलाफ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) का मामला दर्ज हुआ है। इसके खिलाफ सिंह ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की अवकाशकालीन पीठ ने सोमवार को परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई की। यह पीठ पुलिस इंस्पेक्टर भीमराव घाडगे की शिकायत पर सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी खारिज करने का अनुरोध करने वाली याचिका की सुनवाई कर रही है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डेरियस खंभाटा ने कहा कि परमबीर सिंह को नौ जून तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। बशर्ते वह जांच में सहयोग करें।
विज्ञापन


एक ही मामले में दो जगह राहत नहीं मांग सकते
खंभाटा ने कहा कि सिंह को इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका को लेकर किसी राहत का अनुरोध नहीं करना चाहिए। सिंह ‘एक साथ दो घोड़ों’ पर सवार नहीं हो सकते और एक ही मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों से राहत नहीं मांग सकते। पीठ ने राज्य सरकार का यह बयान स्वीकार कर लिया कि वह नौ जून तक सिंह को गिरफ्तार नहीं करेगी। वहीं, न्यायालय के सामने इस मामले में राहत नहीं मांगने का निर्देश दिया। सिंह के वकील महेश जेठमलानी ने इस पर सहमति जताई। इसके बाद अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई नौ जून तक के लिए स्थगित कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका से बयान लेंगे वापस
सिंह ने पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखने के बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से उनके खिलाफ प्रतिशोध के रूप में कई मामले दर्ज कर परेशान किया जा रहा है। सिंह की मांग है कि उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को दूसरे राज्य में स्थानांतरित कर जांच सीबीआई को सौंपा जाए। दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में दायर सिंह की याचिका में इस बयान पर नाखुशी जाहिर की कि हाईकोर्ट मामले की सुनवाई नहीं कर रही, इसलिए उन्हें शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस पर जेठमलानी ने माफी मांगी और कहा कि बयान गलत है। हम सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका से यह बयान वापस लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed