{"_id":"58bf7df04f1c1b5e3ddc4398","slug":"maharashtra-government-official-shunted-after-questioning-land-allocation-to-baba-ramdev","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रामदेव को सस्ती जमीन पर उठे सवाल, अधिकारी का हुआ तबादला","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
रामदेव को सस्ती जमीन पर उठे सवाल, अधिकारी का हुआ तबादला
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 08 Mar 2017 09:13 AM IST
विज्ञापन
d
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले साल महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर में फूड पार्क लगाने के लिए बाबा रामदेव की पतंजलि योगपीठ आयुर्वेद लिमिटेड को 75 फीसदी डिस्काउंट पर जमीन दी थी। इस मुद्दे पर RTI द्वारा सामने आए कागजातों से पता चला है कि यह निर्णय निर्विरोध नहीं था। उस समय सरकार में वित्तीय सुधारों के प्रधान सचिव विजय कुमार ने इस ‘छूट’ पर लिखित रूप से चिंता व्यक्त की थी।
उनके सवाल उठाने के 3 सप्ताह बाद ही अप्रैल 2016 में उनका तबादला कर दिया गया था। उनका तबादला 3 साल के कार्यकाल पूरा करने से डेढ़ साल पहले ही कर दिया गया। विजय कुमार फिलहाल कृषि प्रधान सचिव हैं।
महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास निगम (एमएडीसी) के प्रमुख और राज्य के मुख्य मंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी और आवंटन एकदम ठीक तरीके से किया गया। साथ ही उन्होंने विजय कुमार के तबादले को भी रूटीन ट्रांसफर करार दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनके सवाल उठाने के 3 सप्ताह बाद ही अप्रैल 2016 में उनका तबादला कर दिया गया था। उनका तबादला 3 साल के कार्यकाल पूरा करने से डेढ़ साल पहले ही कर दिया गया। विजय कुमार फिलहाल कृषि प्रधान सचिव हैं।
विज्ञापन
महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास निगम (एमएडीसी) के प्रमुख और राज्य के मुख्य मंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी थी और आवंटन एकदम ठीक तरीके से किया गया। साथ ही उन्होंने विजय कुमार के तबादले को भी रूटीन ट्रांसफर करार दिया।
विज्ञापन
किन कीमतों पर मिली जमीन
baba ramdev
एमएडीसी 4 सदस्यों की समिति के फैसलों के आधार पर काम करता है। इस सिमित में विजय कुमार भी सदस्य थे और इसके अध्यक्ष राज्य की सरकार में शहरी विकास मंत्री नितिन करीर हैं।
एमएडीसी के रेट के मुतबिक क्षेत्र में एक एकड़ (4,046 स्क्वेयर मीटर) जमीन के लिए एक करोड़ की कीमत तय है, मगर समिति ने 25 लाख रुपए प्रति एकड़ के आधार पर पतंजलि आयुर्वेद को जमीन आवंटित की। इस पूरी नीलामी में सिर्फ पतंजलि ने ही बोली लगाई और इस तरह उसे 58.63 करोड़ रुपए में 230 एकड़ जमीन 66 साल की लीज पर मिल गई।
प्राप्त कागजातों के मुताबिक स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) की जमीन के लिए एमएडीसी ने 2,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से तय किया था। इसे निगम के एमडी मे फूड पार्क के लिए बहुत ज्यादा मानते हुए विशेष छूट देने की बात की और रेट को 1000 रुपए घटाकर 1,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया।
एमएडीसी के रेट के मुतबिक क्षेत्र में एक एकड़ (4,046 स्क्वेयर मीटर) जमीन के लिए एक करोड़ की कीमत तय है, मगर समिति ने 25 लाख रुपए प्रति एकड़ के आधार पर पतंजलि आयुर्वेद को जमीन आवंटित की। इस पूरी नीलामी में सिर्फ पतंजलि ने ही बोली लगाई और इस तरह उसे 58.63 करोड़ रुपए में 230 एकड़ जमीन 66 साल की लीज पर मिल गई।
प्राप्त कागजातों के मुताबिक स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) की जमीन के लिए एमएडीसी ने 2,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से तय किया था। इसे निगम के एमडी मे फूड पार्क के लिए बहुत ज्यादा मानते हुए विशेष छूट देने की बात की और रेट को 1000 रुपए घटाकर 1,500 रुपए प्रति वर्ग मीटर किया गया।