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Maharashtra: गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण करने वाले 48 नक्सलियों को मिली नई राह, लॉयड्स मेटल्स में कर रहे नौकरी

Fri, 10 Jan 2025 12:10 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गढ़चिरौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गढ़चिरौली Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 10 Jan 2025 12:10 PM IST
सार

पुलिस अधीक्षक नीलोत्पल ने कहा कि अबतक 600 से अधिक नक्सली पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 2014 में आत्मसमर्पण नीति में बदलाव के बाद सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई कोशिश कर रही है। 
 

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Maharashtra: Gadchiroli Police bring new ray of hope for surrendered Naxals, 48 get jobs
नक्सलियों को मिली नौकरी - फोटो : एएनआई

विस्तार

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों की मुख्यधारा में वापसी के लिए एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी है। दरअसल, यहां की पुलिस ने आत्मसमर्पण किए गए 48 नक्सलियों को हाल ही में स्थापित लॉयड्स मेटल्स इंडस्ट्री में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलवाई है। 

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सैकड़ों कर चुके हैं आत्मसमर्पण
पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीलोत्पल ने कहा कि अबतक 600 से अधिक नक्सली पुलिस के पास आत्मसमर्पण कर चुके हैं। 2014 में आत्मसमर्पण नीति में बदलाव के बाद, सरकार आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई कोशिश कर रही है। 
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योजना से बढ़कर किया यहां की पुलिस ने 
गौरतलब है, इस योजना के तहत सरकार नक्सलियों को कुछ राशि और जमीन भी देती है। हालांकि, गढ़चिरौली पुलिस ने इससे आगे बढ़ते हुए आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों के रोजगार की व्यवस्था भी की है। 
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तीन महीने की ट्रेनिंग फिर नौकरी
अधिकारी ने कहा कि जब हमने लॉयड्स मेटल्स से आत्मसमर्पण किए नक्सलियों को नौकरी देने का प्रस्ताव रखा, तो कंपनी ने स्वीकार कर लिया और 48 को नौकरी पर रख लिया। उन्होंने कहा कि इन नक्सलियों का पहले उनके शिक्षा और कौशल के अनुसार प्रोफाइल तैयार किया गया और फिर उन्हें तीन महीने की ट्रेनिंग दी गई। अब ये सभी लोग लॉयड्स मेटल्स में विभिन्न यूनिट्स में काम कर रहे हैं और 15,000 से 20,000 रुपये महीने की सैलरी पा रहे हैं।

आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों की जुबानी
चटगांव इलाके के डिप्टी कमांडर रहे और 2019 में गढ़चिरौली पुलिस के सामने सरेंडर करने वाले मनीराम अटला ने कहा, 'सरेंडर करने के बाद मुझे नई जिंदगी जीने का अधिकार मिला है। मैं लॉयड्स मेटल्स में नौकरी पाकर बहुत खुश हूं। मैं अब अपना जीवन अपने दम पर जी रहा हूं, अब मुझ पर कोई दबाव नहीं है।'

साल 2014 में आत्मसमर्पण करने वाले और कंपनी में प्लाटून कमांडर रमेश काटवो ने कहा, '10-12 साल तक नक्सल आंदोलन में रहने के बाद मुझे एहसास हुआ कि यह रास्ता गलत है, इससे न तो हमें और न ही हमारे परिवार को फायदा होगा। इसलिए मैंने 2014 में आत्मसमर्पण किया, सरकार ने मुझे जो नई नौकरी दी है उससे मैं खुश हूं और मैं अपने परिवार की देखभाल कर रहा हूं।'


पीएम मोदी ने की पहल की सराहना 
गढ़चिरौली पुलिस और जिला प्रशासन नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए काम कर रहे हैं और आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों के लिए सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में गढ़चिरौली का दौरा किया था और लॉयड्स मेटल्स में नक्सलियों को नौकरी पत्र दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महाराष्ट्र सरकार की इस कोशिश की सराहना की और इसे प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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