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Sanjay Raut: 'किससे डरे हुए फडणवीस, क्या इस्राइल-लीबिया से खतरा?' सुरक्षा बढ़ाने जाने पर संजय राउत ने घेरा

Sun, 03 Nov 2024 03:15 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 03 Nov 2024 03:15 PM IST
सार

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हाल ही में सुरक्षा बढ़ाई गई है। चुनाव नजदीक होने के कारण राजनीतिक गलियारों में सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा हो रही है। संजय राउत ने इस सुरक्षा पर कई सवाल उठाए हैं। 

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Maharashtra Election: Sanjay Raut questions Deputy CM Fadnavis increased security amid DGP criticism
उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सुरक्षा बढ़ाने पर संजय राउत। - फोटो : एएनआई

विस्तार

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही। वैसे-वैसे राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज होती जा रही है। हाल ही में राज्य के गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सुरक्षा बढ़ाई गई है। इस पर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता संजय राउत ने सवाल उठाए हैं। राउत ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाकिया लहजे में कहा कि फडणवीस को कोई विशेष खतरा है तो उन्हें साफ करना चाहिए।

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राउत ने कहा कि हमारे गृह मंत्री इतने डरे हुए क्यों हैं? उन पर कौन हमला करना चाहता है? क्या इस्राइल या लीबिया उन पर हमला करने वाला है? उन्हें सबको इसके बारे में बताना चाहिए।
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फडणवीस की बढ़ाई गई है जेड प्लस सुरक्षा
दरअसल, देवेंद्र फडणवीस को वर्तमान में 'जेड-प्लस' सुरक्षा दी गई है। इसमें उनकी सुरक्षा के लिए नागपुर में अतिरिक्त फोर्स वन कमांडो तैनात किए गए हैं। इस पर राउत ने दावा किया कि शहर में लगभग 200 फोर्स वन कमांडो तैनात किए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि गृह मंत्री, जो एक पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं, उन्होंने अचानक अपनी इतनी सुरक्षा क्यों बढ़ा दी है? जो शख्स दूसरों की रक्षा का फैसला करता है। उसने खुद की सुरक्षा बढ़ाई है। अचानक हमने उनके घर के बाहर फोर्स वन कमांडो देख रहे हैं।
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रश्मि शुक्ला को बताया भाजपा का डीजीपी
संजय राउत ने महाराष्ट्र की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला पर भी निशाना साधा और उनसे सुरक्षा बढ़ाने के पीछे का कारण बताने का आग्रह किया। शुक्ला को भाजपा का डीजीपी बताते हुए राउत ने आरोप लगाया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रति पक्षपात दिखाया है। खासकर 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान। यूबीटी शिवसेना के नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने हमारे फोन टैप किए और फडणवीस को संवेदनशील जानकारी प्रदान की। इससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
राउत ने अपनी टिप्पणी में महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया और कहा कि आयोग ने कहा है कि उन्हें शुक्ला को स्थानांतरित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने झारखंड की एक हालिया मिसाल का जिक्र किया, जहां राज्य चुनाव से पहले एक डीजीपी का तबादला कर दिया गया था, उन्होंने सवाल किया कि महाराष्ट्र में भी ऐसा ही कदम क्यों नहीं उठाया जा सकता।

राउत ने सवाल किया कि क्या हम उनसे निष्पक्ष चुनाव कराने की उम्मीद कर सकते हैं? उन्होंने कहा कि चुनावों का नियंत्रण उनके हाथ में नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उनकी यह आलोचना महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले की ओर से गुरुवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को पत्र भेजकर शुक्ला को हटाने की मांग करने के बाद आई है।

आखिर क्यों बढ़ाई गई सुरक्षा?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम की सुरक्षा पर शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'महाराष्ट्र के लोगों की कोई सुरक्षा नहीं है। कल लोग खुलेआम पुणे की सड़कों पर बंदूक लेकर घूम रहे थे। बदलापुर में एक जघन्य अपराध किया गया, स्कूल के लोग जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, भाग गए और आपने देखा होगा कि बाबा सिद्दीकी की हत्या कैसे की गई। महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। यहां के लोगों के लिए कोई सुरक्षा नहीं है। मगर फडणवीस की सुरक्षा बढ़ाई गई। इसलिए डीजीपी को हमें बताना चाहिए कि उनकी सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई है?'

पटोले ने यह आरोप लगाए थे
पटोले ने अपने पत्र में शुक्ला पर विपक्षी दलों के खिलाफ साफ पक्षपात का आरोप लगाया है। उन्होंने हाल के हफ्तों में विपक्षी नेताओं के खिलाफ राजनीतिक हिंसा में वृद्धि की ओर इशारा किया। महाराष्ट्र में चुनाव पक्षपाती पुलिसिंग और सुरक्षा मुद्दों के आरोपों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। विपक्षी नेता राज्य में कानून प्रवर्तन एजेंसियों से निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।




कब होंगे चुनाव?
गौरतलब है, महाराष्ट्र की 288 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए करीब आठ हजार उम्मीदवारों ने पर्चे दाखिल किए हैं। नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि चार नवंबर है। चुनाव 20 नवंबर को होंगे और तीन दिन बाद वोटों की गिनती होगी।

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