कांसटेबल ललिता की ललित बनने के लिए पहले चरण की सर्जरी सफल
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महाराष्ट्र की महिला पुलिस कांस्टेबल ललिता साल्वे मुंबई के सेंट जार्ज अस्पताल में भर्ती हैं। यहां वह अपना लिंग परिवर्तन का इलाज करा रही हैं। जिसकी पहले चरण की सफल शस्त्रक्रिया हो गई है। लिंग परिवर्तन कराने के बाद कांस्टेबल का नाम ललिता से ललित साल्वे हो जाएगा।
सेंट जार्ज अस्पताल में पहली बार लिंग परिवर्तन के लिए शस्त्रक्रिया की गई है, जिसे डॉक्टरों ने सफल बताया है। फिलहाल, ललिता को तीन दिन के लिए विशेष कक्ष में रखा गया है, जहां उन्हें किसी से मिलने या बात करने की अनुमति नहीं होगी।
सेंट जार्ज अस्पताल में प्लास्टिक सर्जन डॉ. रजत कपूर के नेतृत्व में छह डॉक्टरों की टीम ने ललिता साल्वे का ऑपरेशन किया। ललिता बीते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती हुई थीं। आवश्यक मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार सुबह उन्हें ऑपरेशन कक्ष में लाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक ललिता का ऑपरेशन सुबह 8.30 बजे शुरू हुआ और दोपहर एक बजे तक चला।
पहले चरण के ऑपरेशन के बाद अब छह महीने बाद दूसरे चरण का ऑपरेशन किया जाएगा। महाराष्ट्र के बीड जिले में तैनात ललिता साल्वे साल 2010 में महाराष्ट्र पुलिस में भर्ती हुई थीं। साल 2017 में उन्होंने लिंग परिवर्तन के लिए छुट्टी मांगी थी, जिसे नकार दिया गया था। इसके बाद ललिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका संज्ञान लिया और कोर्ट के आदेश के बाद एक मेडिकल बोर्ड गठित किया। विशेषज्ञों के एक पैनल ने पाया कि ललिता के अंदर महिला के एक भी हार्मोंस नहीं हैं। उनके शरीर में एक अविकसित लिंग भी मिला। जांच में यह भी पता चला कि 1995 में जब वह सात साल की थी।
तब डॉक्टरों ने उसका लिंग ट्यूमर समझकर काट दिया था। बीते रविवार को ललिता को एसपी श्रीधर का पत्र मिला जिसमें लिखा था कि ललिता अपना लिंग परिवर्तन करा सकती है और उसके बाद वह पुरानी पहचान के साथ नौकरी भी कर सकेगी।