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महाराष्ट्र : अनिल देशमुख के इस्तीफे पर आज फैसला संभव, मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को लेकर बुलाई बैठक
Mon, 22 Mar 2021 11:50 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Mon, 22 Mar 2021 11:50 AM IST
सार
- परमबीर सिंह के पत्र के बाद अनिल देशमुख के इस्तीफे पर आज फैसला संभव
- आज दिल्ली में महाविकास अघाड़ी की बैठक, अनिल देशमुख को लेकर होगा फैसला
- राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कानून-व्यवस्था को लेकर बुलाई बैठक
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अनिल देशमुख और उद्धव ठाकरे
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह की चिट्ठी गृह मंत्री अनिल देशमुख को इस्तीफा देने पर मजबूर करेगी या नहीं, इसका फैसला आज हो सकता है। आज महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार इस मुद्दे पर बैठक करेगी। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपने आवास पर बैठक बुलाई है।
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कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे खुद चाहते हैं कि अनिल देशमुख अपने पद से इस्तीफा दे दें लेकिन एनसीपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने कह दिया है कि गृह मंत्री के इस्तीफे का सवाल ही नहीं पैदा होता है।
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Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray calls a review meeting of the state's Law and Judiciary Department today, at his residence.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 22, 2021
आज दिल्ली में गठबंधन की तीनों पार्टियों की संयुक्त बैठक होगी, जिस पर अनिल देशमुख के इस्तीफे को लेकर फैसला लिया जा सकता है। ऐसा बताया जा रहा है कि परमबीर सिंह की चिट्ठी में गृह मंत्री अनिल देशमुख पर जो आरोप लगाए गए हैं, उससे महाराष्ट्र सरकार में तनाव पैदा हो गया है।
एक तरफ मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अनिल देशमुख को हटाने के पक्ष में हैं तो दूसरी तरफ एनसीपी ने इस पर अपना पक्ष साफ कर दिया है। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के नेता संजय निरुपम में यह कह दिया है कि इस पूरे मामले में शरद पवार की भूमिका पर सवाल उठते हैं क्योंकि उन्होंने ही ये सरकार बनाई है।
बता दें कि परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखी थी और अनिल देशमुख पर आरोप लगाया था कि उन्होंने सचिन वाजे को हर महीने 100 करोड़ वसूलने का लक्ष्य दिया था। मुंबई के बार और रेस्त्रां से ये पैसा वसूलने की बात कही गई थी। हालांकि अनिल देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है।
इस पर रविवार को शरद पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी और कहा था कि परमबीर सिंह के पत्र के दो हिस्से हैं। वहीं उनके पत्र पर परमबीर सिंह के हस्ताक्षर नहीं हैं और इसमें सिर्फ आरोप लगाए गए हैं, किसी तरह का कोई सबूत नहीं पेश किया गया है।