फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   maharashtra ajit pawar joins bjp shiv sena claim on ncp know what is anti defection law sharad pawar

Maharashtra: अजित पवार ने एनसीपी पर ठोका दावा, शरद पवार बोले- जनता तय करेगी, जानिए क्या कहता है दल बदल कानून

Sun, 02 Jul 2023 06:11 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 02 Jul 2023 06:11 PM IST
विज्ञापन
सार
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार ने कहा कि पार्टी का नाम और चिन्ह हमारे साथ रहेगा। इस तरह अजित पवार ने एनसीपी पर दावा ठोक दिया है। वहीं शरद पवार ने कहा है कि जनता तय करेगी कि एनसीपी किसकी है।
loader
maharashtra ajit pawar joins bjp shiv sena claim on ncp know what is anti defection law sharad pawar
अजित पवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर उलटफेर हुआ है और नेता विपक्ष अजित पवार शिवसेना-भाजपा गठबंधन सरकार में शामिल हो गए हैं। शपथ ग्रहण के बाद अजित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बड़ा दावा करते हुए कहा कि पार्टी और चुनाव चिन्ह उनके साथ हैं और वह एनसीपी के चुनाव चिन्ह पर ही अगले चुनाव लड़ेंगे। इस तरह अजित पवार ने एनसीपी पर दावा ठोक दिया है। वहीं शरद पवार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि कुछ लोग पार्टी पर दावा कर रहे हैं लेकिन यह जनता तय करेगी कि पार्टी किसकी है। इन दोनों बयानों से साफ है कि पार्टी को लेकर लड़ाई हो सकती है। ऐसे में फिर से दल बदल विरोधी कानून के प्रावधानों की चर्चा होगी।


जानिए क्या है दल-बदल विरोधी कानून 
1970 के दशक में भारतीय राजनीति में आया राम गया राम की राजनीति खूब प्रचलित थी। जिसके बाद साल 1985 में 52वें संविधान संशोधन के तहत दल-बदल विरोधी कानून पारित किया गया। संविधान की दसवीं अनुसूची में दल-बदल विरोधी कानून शामिल है और संशोधन के जरिए इसे संविधान में जोड़ा गया। 


दल बदल विरोधी कानून के तहत किसी जनप्रतिनिधि को अयोग्य घोषित किया जा सकता है, अगर- कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से किसी राजनीतिक पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है या चुनाव के बाद कोई अन्य राजनीतिक पार्टी में शामिल हो जाता है या वह किसी जरूरी वोटिंग से नदारद रहता है।

अगर किसी पार्टी के दो तिहाई सदस्य किसी अन्य पार्टी में शामिल हो जाते हैं तो उन विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। विधानसभा का स्पीकर के पास अधिकार है कि वह दल बदल की स्थिति में विधायकों को अयोग्य ठहराने पर अंतिम फैसला करे।  

अजित पवार का 40 विधायकों के समर्थन का दावा
अजित पवार का दावा है कि पार्टी के 40 विधायकों और छह एमएलसी का समर्थन उनके पास है। शरद पवार ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि एनसीपी में कौन उनके साथ है और कौन नहीं, ये अभी देखना बाकी है। महाराष्ट्र में एनसीपी के 54 विधायक हैं। 9 मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। अजित पवार 40 विधायकों के समर्थन की बात कर रहे हैं तो ये साफ है कि अगर दल बदल विरोधी कानून के प्रावधान लागू हुए तो उनके समर्थक विधायकों की सदस्यता बच जाएगी। अब यही देखने वाली बात है कि अजित पवार के साथ कितने विधायक आते हैं। 

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने की थी अहम टिप्पणी
इससे पहले बीते साल ही शिवसेना में भी ऐसी ही टूट हुई थी, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में करीब चालीस विधायकों ने शिवसेना से बगावत कर दी थी। शिंदे ने अपने गुट को असली शिवसेना बताया था और पार्टी की चुनाव चिन्ह और पार्टी के नाम पर दावा कर दिया था। चुनाव आयोग ने भी शिंदे के पक्ष में फैसला दिया। यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम टिप्पणियां की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी राजनीतिक दल के बहुमत खो देने पर अपनी पार्टी के सदस्यों को कब्जे में करने के लिए दलबदल विरोधी कानून को हथियार नहीं बनाया जा सकता। शिंदे के वकील हरीश सालवे ने दलील दी थी कि पार्टी के भीतर का विवाद दल-बदल विरोधी कानून के दायरे में नहीं आता है। दल बदल विरोधी कानून केवल उन लोगों पर लागू होता है, जिन्होंने राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ी हो लेकिन अगर बागी विधायक भी पार्टी में हैं तो उन पर दलबदल कानून कैसे लागू होगा। अब एनसीपी में भी ऐसी ही स्थिति दिखाई दे रही है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि महाराष्ट्र की राजनीतिक घटनाक्रम किस करवट बैठता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed