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सियासत: महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर फंसा पेंच, राज्यपाल ने नहीं दी मंजूरी
Mon, 27 Dec 2021 10:45 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 27 Dec 2021 10:45 PM IST
सार
उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली महा विकास आघाड़ी सरकार के तीन मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को कोश्यारी से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पत्र सौंपा था।
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महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी।
- फोटो : Twitter : @BSKoshyari
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विस्तार
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष चुनाव को लेकर नया पेंच फंस गया है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने ध्वनिमत से विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने के नियम को असंवैधानिक मानते हुए सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव कराने की अनुमति नहीं दी। लेकिन ठाकरे सरकार ने विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराने की तैयारी शुरू की है।
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उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली महा विकास आघाड़ी सरकार के तीन मंत्रियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को कोश्यारी से मुलाकात की थी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पत्र सौंपा था। पत्र में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान ही कराने के लिये राज्यपाल की मंजूरी मांगी गई थी। इस दौरान राज्यपाल ने मतपत्र के बजाय ध्वनि मत से चुनाव कराने के लिए विधायी नियमों में संशोधन का ब्योरा मांगा था। उन्होंने कहा था कि वह कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा करेंगे और अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे और अपने फैसले से सोमवार को अवगत कराएंगे। नाना पटोले द्वारा इस्तीफा देने से विधानसभा अध्यक्ष का पद इस साल फरवरी से ही खाली है।
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भाजपा डाल रही है अड़ंगा : नाना पटोले
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि ध्वनिमत से चुनाव कराना असंवैधानिक है। विधायिका के पास नियमों को बदलने की शक्ति है, जिसके अनुसार नियमों में बदलाव किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने ध्वनिमत से चुनाव की वही प्रक्रिया अपनाई है, जो लोकसभा में लागू है। पटोले ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्यपाल की आड़ में एक छिपे हुए एजेंडे के तहत अड़ंगा डाल रही है।
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वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष चुनाव को लेकर सोमवार को विधानसभा में एक बैठक हुई। बैठक में राज्य के मंत्री छगन भुजबल, एकनाथ शिंदे मौजूद थे। इस मौके पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले भी मौजूद थे।
राज्यपाल के लिए मंत्रिमंडल की सिफारिशों को मानना अनिवार्य
शिवसेना सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि राज्यपाल के लिए राज्य मंत्रिमंडल की सिफारिशों को स्वीकार करना अनिवार्य है। उन्होंने यह टिप्पणी तब की है जब एक दिन पहले महाराष्ट्र सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन के अध्यक्ष पद का चुनाव कराने की अनुमति मांगने के लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की।
राउत ने पत्रकारों से कहा, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पढ़ते बहुत हैं। लोकतंत्र में बहुत ज्यादा पढ़ना अच्छा नहीं है। यह महत्व रखता है कि लोगों की आवाज सुनी जाए। राज्यपाल के लिए मंत्रिमंडल की सिफारिशों को स्वीकार करना अनिवार्य है। राज्य के शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे (शिवसेना), राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट (कांग्रेस) और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) ने रविवार की शाम को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की थी। बाद में थोराट ने कहा था कि उन्होंने कोश्यारी को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का लिखा एक पत्र सौंपा है।