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महाराष्ट्र में अन्नदाता पर संकट: साल 2021 से भी अधिक 2022 में किसानों ने की आत्महत्या, आठ जिलों में बुरा हाल
Sun, 15 Jan 2023 02:41 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, औरंगाबाद
पीटीआई, औरंगाबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 15 Jan 2023 02:41 PM IST
सार
महाराष्ट्र में किसानों की स्थिति आए दिन बद से बदतर होती जा रही है। ताजा आंकड़ों में पता चला है कि 2022 में साल 2021 से अधिक किसानों ने आत्महत्या कर ली।
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महाराष्ट्र में किसान कर रहे आत्महत्या
- फोटो : PTI
विस्तार
संभागीय आयुक्त कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 2022 में 1,023 किसानों ने आत्महत्या की जबकि पिछले वर्ष 887 थी। जालना, औरंगाबाद, परभणी, हिंगोली, नांदेड़, लातूर, उस्मानाबाद और बीड जिलों में 2001 में एक किसान ने आत्महत्या की थी। संभागीय आयुक्तालय के आंकड़ों से पता चलता है कि 2001 के बाद से अब तक इस क्षेत्र के आठ जिलों में 10,431 उत्पादकों ने अपना जीवन समाप्त कर लिया है।
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2001 और 2010 के बीच, 2006 में सबसे अधिक 379 किसान आत्महत्याएं दर्ज की गईं। 2011-2020 के दशक में, 2015 में सबसे अधिक 1,133 किसान आत्महत्याएं दर्ज की गईं, जैसा कि आंकड़ों से पता चलता है। एक अधिकारी ने कहा कि 2001 के बाद से आत्महत्या करने वाले 10,431 किसानों में से 7,605 को सरकारी मानदंडों के अनुसार सहायता मिली थी। कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में, इस क्षेत्र में कुछ वर्षों में सूखे जैसी स्थिति और अन्य में अत्यधिक बारिश देखी गई है, जिसने फसल उत्पादकों की कठिनाइयों को बढ़ा दिया है।
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