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Art Of Living: दुर्गा अष्टमी पर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में जुटे डेढ़ लाख श्रद्धालु, विश्व शांति की कामना की

Mon, 03 Oct 2022 10:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 03 Oct 2022 10:41 PM IST
सार

अष्टमी के दिन सभी यज्ञों में सर्वोच्च चंडी होम का आयोजन किया गया। सैकड़ों पुजारियों द्वारा एक स्वर में गाए गए प्राचीन वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनियों से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।

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Mahaashtami in Art Of Living lakhs of devotees gathered International Center on Durga Ashtami
आर्ट ऑफ लिविंग में आयोजित महाअष्टमी कार्यक्रम का दृश्य। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कोरोना काल के बाद पहली बार आयोजित हो रहे नवरात्रि कार्यक्रमों में भक्तों की भीड़ जमकर उमड़ रही है। आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र  में भी नवरात्रि के अष्टमी पर्व पर भव्य कार्यक्रम हुआ और इसमें अनुमानत: डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। अति दर्शनीय और  आध्यात्मिक उत्थान का अनुभव कराने वाले इस उत्सव में 82 देशों के से आए आगंतुकों ने भाग लिया। इसमें विश्व में शांति और कल्याण के लिए महाअष्टमी पर आयोजित प्राचीन और शक्तिशाली चंडी यज्ञ किया गया।

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अष्टमी के दिन सभी यज्ञों में सर्वोच्च चंडी होम का आयोजन किया गया। सैकड़ों पुजारियों द्वारा एक स्वर में गाए गए प्राचीन वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनियों से सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। यज्ञ समारोह में समर्पित की जा रहीं 108 जड़ी-बूटियों, फलों और अन्य वस्तुओं की सुगंधि वायु को सुवासित कर रही थी। इस यज्ञ का आधार दुर्गा सप्तशती का पाठ या देवी दुर्गा की स्तुति में गाए गए 700 छंद हैं। प्रत्येक छंद के पाठ के साथ देवी का आह्वान करते हुए यज्ञ में आहुति दी जाती  है। चंडी होम जीवन के हर रूप, पशुओं में हाथियों, व गायों से लेकर घास, जड़ी-बूटियों, बच्चों, महिलाओं, पुरुषों, आदि में देवत्व को पहचानने के विषय में समझ देता है। 
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आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर का विचार है कि चंडी का सरल अर्थ है अत्यधिक शक्तिशाली। उनके मुताबिक चंडी यज्ञ में जाप करने के दौरान हर मंत्र  के साथ एक जड़ी-बूटी जुड़ी है और प्रत्येक मंत्र  की अपनी शक्ति होती है। इससे वातावरण में सकारात्मक कंपनों का निर्माण होता है। उनका विचार है कि नवरात्रि का पर्व वाणी से मौन, कर्म से ज्ञान, संकीर्णता से व्यापकता की ओर ले जाने का उत्सव है। नवरात्रि हम में से प्रत्येक में सुप्त दिव्य चेतना को जगाने के बारे में है।

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