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Border Dispute: विवाद के बीच मंत्रियों के कर्नाटक दौरे पर अंतिम फैसला सीएम शिंदे लेंगे, फडणवीस ने कही बड़ी बात
Mon, 05 Dec 2022 11:24 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 05 Dec 2022 11:24 PM IST
सार
महाराष्ट्र सरकार ने मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई को सीमा विवाद के समन्वय के लिए नियुक्त किया है। दोनों मंत्री मंगलवार यानी 6 दिसंबर को कर्नाटक के बेलगावी में महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सकते हैं।
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Devendra Fadnavis
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही हैं। चर्चा है कि सीमा विवाद के समन्वय के लिए नियुक्त महाराष्ट्र मंत्री कर्नाटक में विवादित क्षेत्रों का दौरा कर सकते हैं। इस संबंध में महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि कर्नाटक के साथ सीमा विवाद के समन्वय के लिए नियुक्त मंत्रियों को विवादित क्षेत्रों का दौरा करना चाहिए या नहीं, इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे लेंगे।
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बता दें, महाराष्ट्र सरकार ने मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभुराज देसाई को सीमा विवाद के समन्वय के लिए नियुक्त किया गया है। दोनों मंत्री मंगलवार यानी 6 दिसंबर को कर्नाटक के बेलगावी में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (एमईएस) के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर सीमा मुद्दे पर उनके साथ बातचीत करने वाले हैं।
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मुंबई में मीडिया से बात करते हुए फडणवीस ने कहा कि जिन दो मंत्रियों ने विवादित क्षेत्रों का दौरा करने की घोषणा की थी, उन्हें बाबा साहेब अंबेडकर की पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय लोगों ने आमंत्रित किया था। हमारा मानना है कि कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए विवादित क्षेत्रों में ऐसी यात्रा से परहेज करना चाहिए। हालांकि, मंत्रियों के दौरे पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।
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महाराष्ट्र की स्थापना के बाद से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
बता दें, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच बेलागवी व कारवार के कुछ गांवों को लेकर सीमा विवाद में है। कर्नाटक में आने वाले इन गांवों की आबादी मराठी भाषी है। महाराष्ट्र में लंबे समय से इन गांवों को राज्य में शामिल किए जाने की मांग हो रही है। 1960 में महाराष्ट्र की स्थापना के बाद से यह विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
उप-मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र देश है इसलिए किसी को भी किसी स्थान पर जाने से मना नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, विवादित क्षेत्र से जुड़ा मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और हम चाहते हैं कि इस मामले में आगे कोई अड़चन न आए। यदि मंत्री ऐसा करने का निर्णय लेते हैं तो विवादित क्षेत्रों का दौरा करने से कोई भी रोक नहीं सकता है।
इससे पहले, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा था कि वह महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे से अपने कैबिनेट मंत्रियों को बेलगावी नहीं भेजने के लिए कहेंगे, क्योंकि उनकी यात्रा से सीमावर्ती जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
महाराष्ट्र में कोई सरकार है? उद्धव ठाकरे ने किया सवाल
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में बोलते हुए कर्नाटक और शिंदे सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच चल रहे सीमा विवाद के संदर्भ में कहा कि कर्नाटक महाराष्ट्र के कुछ इलाकों, गांवों और जिलों जैसे जठ और सोलापुर को अपनी सीमा में शामिल करने की मांग कर रहा है। ऐसे ही वे एक दिन हमारा पंडरपुर विठोबा भी मांगेंगे? कर्नाटक की इस मांग से एक सवाल उठता है कि क्या महाराष्ट्र में कोई सरकार है?
इस दौरान शिंदे सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का एलान करते हुए उन्होंने कहा कि इस 17 दिसंबर को हम मुंबई के जीजामाता उद्यान से आजाद मैदान तक मौजूदा राज्य सरकार और राज्यपाल के खिलाफ 'मोर्चा' निकालेंगे। मैं महाराष्ट्र से प्यार करने वालों से राज्य का अपमान करने वालों के खिलाफ एकजुट होने की अपील करता हूं।
इस दौरान उन्होंने वेदांता फॉक्सकॉन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह से गुजरात चुनाव से पहले कुछ व्यवसाय वहां स्थानांतरित कर दिए गए थे, तो क्या कर्नाटक चुनाव से पहले हमारे गांव कर्नाटक को दे दिए जाएंगे?