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Tamil Nadu: मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- मंदिरों के कारण हिंसा भड़के तो उन्हें बंद कर देना ही बेहतर, पढ़िए मामला

Sun, 23 Jul 2023 05:25 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 23 Jul 2023 05:25 AM IST
सार

जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा, इन त्योहारों के आयोजन में कोई भक्ति शामिल नहीं है, बल्कि यह एक समूह या दूसरे के शक्ति का प्रदर्शन बन गया है। यह मंदिर उत्सव आयोजित करने के मूल उद्देश्य को पूरी तरह से विफल कर देता है। ये त्योहार हिंसा को बढ़ावा देते हैं, जहां विभिन्न समूह एक-दूसरे से लड़ते हैं।

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Madras High Court said If violence erupts due to temples then its better to close
मद्रास हाईकोर्ट

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस बात पर अफसोस जताया कि इन दिनों मंदिर उत्सव सिर्फ समूहों के लिए उनकी ताकत दिखाने का मंच बन गए हैं। इन मंचों के संचालन में वास्तव में कोई भक्ति शामिल नहीं है। मंदिर का उद्देश्य भक्तों को शांति और खुशी के लिए भगवान की पूजा करने में सक्षम बनाना है। हालांकि, दुर्भाग्य से, मंदिर उत्सव हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं और यह केवल समूहों के लिए यह दिखाने का केंद्र बनता जा रहा है कि किसी विशेष क्षेत्र में कौन शक्तिशाली है।

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जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा, इन त्योहारों के आयोजन में कोई भक्ति शामिल नहीं है, बल्कि यह एक समूह या दूसरे के शक्ति का प्रदर्शन बन गया है। यह मंदिर उत्सव आयोजित करने के मूल उद्देश्य को पूरी तरह से विफल कर देता है। ये त्योहार हिंसा को बढ़ावा देते हैं, जहां विभिन्न समूह एक-दूसरे से लड़ते हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे मंदिरों को बंद करना बेहतर है। कोर्ट ने कहा, जब तक कोई व्यक्ति अपना अहंकार छोड़कर आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर नहीं जाता, तब तक मंदिर होने का पूरा उद्देश्य व्यर्थ है। 

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यह है मामला
अदालत के थंगारासु उर्फ के थंगाराज की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें अरुलमिघु श्री रूथरा महा कलियाम्मन अलयम के वंशानुगत ट्रस्टी होने का दावा करते हुए मंदिर में उत्सव आयोजित करने के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी। तर्क दिया गया कि यह उत्सव हर साल आदि माह के दौरान आयोजित किया जाता है और इस वर्ष भी 23 जुलाई से 1 अगस्त तक आयोजित किया जाना है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई अप्रिय घटना न हो, याचिकाकर्ता ने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।

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