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Tamil Nadu: आधारभूत सुविधाओं के बगैर रहने को मजबूर इस क्षेत्र के लोग, हाईकोर्ट को करना पड़ा संविधान का जिक्र

Thu, 19 Sep 2024 05:44 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 19 Sep 2024 05:44 PM IST
सार

जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस एन माला की बेंच ने स्वतः संज्ञान वाले इस मामले में चार हफ्ते के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। 

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Madras High Court raps Tamil Nadu Govt official over basic facilities Kalvarayan Hills residents news updates
मद्रास हाईकोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह कल्लाकुरुची जिले के कल्वारायन हिल्स में रहने वाले लोगों के पहचान पत्र से जुड़े आवेदनों पर कार्यवाही में तेजी दिखाएं। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि अफसर यहां रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड व अन्य पहचान पत्र जारी करें।
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जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस एन माला की बेंच ने स्वतः संज्ञान वाले इस मामले में चार हफ्ते के अंदर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। सरकारी वकील ने कहा कि गांव में जहां पहुंच नहीं है, वहां अभी सड़क परियोजना के लिए फंड्स जारी किए जाने हैं। इस पर बेंच ने कहा कि लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित विभाग द्वारा दिए गए प्रस्ताव की जांच हो और जरूरी कार्रवाई की जाए।
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बेंच ने कहा कि अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़कें सही से बिछाई जाएं ताकि कल्वारायन हिल्स के लोग चिकित्सा सुविधाओं, शिक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का फायदा ले सकें।
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जजों ने कहा कि इस मामले में एमिकस क्यूरी ने साफ किया है कि दूर-दराज के गांवों के लोगों की दिक्कतों का संज्ञान नहीं लिया जाता। इस मामले में मुख्य सचिव को मामले को देखने को कहा गया, ताकि भारत के संविधान के तहत लोगों के अधिकारों के रक्षा की जा सके। 


कोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव को इस मामले में निजी तौर पर ध्यान देना चाहिए ताकि लोगों को सड़कें मिल सकें और उनकी चिकित्सा, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं तक पहुंच हो। छोटी जरूरतों की तुरंत आपूर्ति जरूरी है। लंबी अवधि की परियोजनाओं को बाद में भी पूरी किया जा सकता है। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर के लिए तय की।
 
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