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High Court: 'पीएम मोदी पर बने विवादित कार्टून को हटाएं', मद्रास उच्च न्यायालय का वेबसाइट आनंद विकतन को निर्देश

Fri, 07 Mar 2025 02:12 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 07 Mar 2025 02:12 PM IST
सार

पत्रिका का आरोप है कि तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इसकी शिकायत केंद्र सरकार से की। पत्रिका समूह ने सोशल मीडिया पर बताया कि शिकायत के बाद से उनकी वेबसाइट पर इसके यूजर्स लॉगइन नहीं कर पा रहे थे। पत्रिका समूह ने दावा किया कि उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। 

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Madras High court directs Ananda Vikatan to remove offending caricature depicting PM Modi
मद्रास उच्च न्यायालय - फोटो : ANI

विस्तार

मद्रास उच्च न्यायालय ने आनंद विकतन प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड को निर्देश दिया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विवादित कार्टून को वेबसाइट से हटाएं। दरअसल इस कार्टून की शिकायत तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने केंद्र सरकार से की थी। जिसके बाद आनंद विकतन की वेबसाइट नहीं खुल पा रही थी। इसके खिलाफ आनंद विकतन ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जहां उच्च न्यायालय ने वेबसाइट से पीएम मोदी का विवादित कार्टून हटाने का निर्देश दिया है। 
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क्या है मामला
दरअसल चर्चित तमिल पत्रिका समूह विकतन के डिजिटल प्लेटफॉर्म आनंद विकतन ने बीते दिनों पीएम मोदी का एक कार्टून प्रकाशित किया था। इसमें पीएम मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठा दिखाया गया था। इस दौरान कार्टून में पीएम मोदी के हाथ और पैर जंजीर से बंधे हुए प्रदर्शित किए गए थे। यह कार्टून ऐसे समय प्रकाशित हुआ था, जब अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को हाथ-पैरों में जंजीर बांधकर निर्वासित किया गया था। पत्रिका का आरोप है कि तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इसकी शिकायत केंद्र सरकार से की। पत्रिका समूह ने सोशल मीडिया पर बताया कि शिकायत के बाद से उनकी वेबसाइट पर इसके यूजर्स लॉगइन नहीं कर पा रहे थे। पत्रिका समूह ने दावा किया कि उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। 
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वकील ने दी ये दलीलें
आनंद विकतन प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के आदेश को चुनौती दी। आनंद विकतन की याचिका पर न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती ने कहा कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को आनंद विकतन वेबसाइट को अनब्लॉक कर देना चाहिए। सुनवाई के दौरान आनंद विकतन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विजय नारायण ने दलील दी कि नेताओं को दर्शाने वाले कार्टून से भारत की अखंडता और संप्रभुता प्रभावित नहीं होती और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए में ऐसे कारण बताए गए हैं, जिनके लिए केंद्र किसी भी कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से किसी भी सूचना तक सार्वजनिक पहुंच को अवरुद्ध करने के लिए निर्देश जारी कर सकता है। उन्होंने कहा कि आनंद विकतन द्वारा प्रकाशित कार्टून सूचना तक सार्वजनिक पहुंच को अवरुद्ध करने के लिए बनाए गए किसी भी कानून के तहत नहीं आता है।
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वहीं केंद्र की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरसन ने बताया कि विवादित कार्टून ने किस तरह से आईटी कानून की धारा 69ए का उल्लंघन करता है। सुंदरसन ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। उच्च न्यायालय की पीठ ने कहा कि विवादित कार्टून कानून का उल्लंघन है या नहीं, ये बात में तय किया जाएगा, लेकिन फिलहाल वेबसाइट को पहले विवादित कार्टून को हटाना चाहिए और केंद्र सरकार को भी वेबसाइट को अनब्लॉक कर देना चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 21 मार्च के लिए टाल दी। 

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