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दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुए लग्जरी कार के दो डीलर, बैंको को लगाया 270 करोड़ रुपए का चूना

Sun, 02 Sep 2018 11:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 02 Sep 2018 11:11 AM IST
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Luxury cars dealers Rash Pal and Mandhir Singh Todd arrested from airport over 270 crore rupees dues
रशपाल सिंह टोड-मनधीर सिंह टोड

ऑडी ऑर पॉर्श गाड़ियों के डीलर रश पाल सिंह टोड और मनधीर सिंह टोड को शुक्रवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अतंरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ही देश से भागने की कोशिश कर रहे थे। उनपर 270 करोड़ रुपए के कर्ज की धोखाधड़ी करने का आरोप है। टोड भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं। उनका जेनिका ग्रुप पॉर्श सेंटर गुरुग्राम, ऑडी गुरुग्राम, ऑडी दिल्ली सेंट्रल, ऑडी अप्रूफ्ड प्लस और ऑडी सर्विस गुरुग्राम के अलावा आईजेनिका नाम से एप्पल शोरुम का मालिक है।

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रश पाल दिल्ली-गुरुग्राम पेज 3 सर्किट का जाना-माना चेहरा है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने दोनों को एचडीएफसी बैंक की जालसाजी और धोखाधड़ी की 29 अगस्त को की गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया है। उनकी बैलेंस शीट में मुनाफा दिख रहा है जबकि वह पिछले चार सालों से घाटा बता रहे हैं। एफआईआर में आईजेनिका कार्स इंडिया, जेनिका परफॉर्मेंस कार्स प्राइवेट लिमिटेड का नाम है। रश पाल और मनधीर इन कंपनियों के निदेशक हैं जबकि वैभव शर्मा इस समूह के वित्त प्रमुख हैं।
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ऑडी इंडिया ने इस मसले पर टिप्पणी करने से मना कर दिया है। शिकायत के अनुसार टोड्स जो गुरुग्राम के साउथ सिटी-1 में रहते हैं, उन्होंने एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, केनरा बैंक, जेएंडके बैंक और वोल्क्सवैगन फाइनेंस के संकाय से इस साल मार्च में नई कारों, डेमो कारों, उपयोग हुई कारों और स्पेयर पार्ट्स को खरीदने के लिए 270 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। एचडीएफसी बैंक ने अकेले 120 करोड़ रुपए दिए हैं। उन्होंने कथित तौर पर बैलेंस शीट के आधार पर कर्ज लिया, जिसमें उन्हें मुनाफा होना दिखाया गया था।
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हालांकि एचडीएफसी बैंक को 28 अगस्त को भेजे गए ईमेल में उन्होंने कर्ज ना चुका पाने की अपनी अक्षमता जाहिर की क्योंकि उन्हें पिछले चार वित्तिय सालों से बहुत घाटा हो रहा था। एचडीएफसी बैंक के सहायक उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा, 'यह साफ है कि आरोपियों ने क्रेडिट सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए झूठे दस्तावेजों के आधार पर बहुत बड़ी राशि को कर्ज के तौर पर लिया।'


शर्मा ने ही बैंक के आधार पर एफआईआर जर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि टोड्स ने यह कार्य बहुत ही सोच समझकर, गणना के आधार पर और खुद को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए किया। तीसरी पार्टी के जरिए पुष्टि करने से यह साफ हो गया कि जमा किए दस्तावेज जाली हैं। टोड्स ने कथित तौर पर कर्ज की राशि से खरीदे हुए 32 डेमो कार्स को बेच दिया और उस पैसे को कर्जदाताओं को देने के बजाए खुद की जेब में डाल दिया।

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