सदन में नए रूप में दिखे स्पीकर बिरला, बोले- जवाब से संतुष्ट हैं तो पूरक सवाल मत पूछिये
- रूडी को दी पोर्टल पर ही जवाब पढ़ने की सलाह
- सदन में पोस्टर लाने से भी नाराज नजर आए स्पीकर
- कहा, इस पर बहस जरूरी कि क्या सदन में पोस्टर लाए जाने चाहिए?
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लोकसभा में सोमवार को स्पीकर ओम बिरला नए रूप में दिखे। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान उनकी टिप्पणियों से सदन कई बार लोटपोट हुआ। उन्होंने भाजपा सांसद संजय जायसवाल को पूरक सवाल नहीं पूछने की सलाह दी तो राजीव प्रताप रूडी से मंत्रालय के पोर्टल पर ही जवाब देखने को कहा। रमेश विधूड़ी को वकील नहीं बनने की नसीहत भी दी।
दरअसल, प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न पूछने से पहले सांसदों द्वारा लंबी भूमिका बांधे जाने से परेशान स्पीकर ने कई बार छोटा सवाल पूछने का आग्रह किया। इस दौरान संजय जायसवाल ने जब पूरक प्रश्न पूछने से पहले कहा कि वह मंत्री के लिखित जवाब से संतुष्ट हैं तो स्पीकर ने कहा, फिर आपको पूरक प्रश्न पूछने की जरूरत नहीं है और अगला सवाल पूछने के लिए दूसरे सांसद का नाम पुकारा।
इसी दौरान जब रूडी की मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से पूरक सवाल पूछने की बारी आई तो उन्होंने कहा, मंत्रालय के पोर्टल पर सूचीबद्घ सवाल का जवाब ही नहीं संभावित पूरक प्रश्न का भी जवाब अपलोड कर दिया गया है। इस पर स्पीकर ने कहा, फिर यहां सवाल पूछने के बजाय आप पोर्टल पर ही जवाब ढूंढ़ लें। इसी तरह शून्यकाल के दौरान भाजपा के रमेश विधूड़ी जब पश्चिम बंगाल के सांसदों की पैरवी करने लगे तो स्पीकर ने कहा, आपको वकील बनने की जरूरत नहीं है।
अधीर से पूछा आप तैयार हैं?
शून्य काल के दौरान जब तृणमूल के सांसद सौगत राय ने भाजपा सांसदों के पोस्टर लहराने का सवाल उठाया तो स्पीकर ने कहा कि वह भी इसके खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, अगर सभी पोस्टर के खिलाफ हैं तो मैं ऐसे मामलों में कार्रवाई करूंगा। इसके बाद उन्होंने एक एक कर विभिन्न दलों की राय लेनी शुरू की। स्पीकर को टीएमसी, जदयू समेत कई दलों का साथ मिला। तब स्पीकर ने अधीर रंजन से पूछा क्या आप तैयार हैं? अधीर ने राहुल गांधी के खिलाफ सदन में होने वाली टिप्पणियों से इस मामले को जोड़ दिया।
सदन में पोस्टर लाने से स्पीकर नाराज
लोकसभा में सांसदों द्वारा पोस्टर और तख्तियां लेकर आने से स्पीकर ओम बिड़ला ने सोमवार को नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, क्या सदन की कार्यवाही के दौरान बैनर दिखाना सही है? इस पर बहस की जरूरत है। दरअसल आयुर्वेद बिल पर जब टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बोलना शुरू किया तो पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसदों ने बैनर दिखाए थे। इन पर लिखा था पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र बचाओ।
सौगत रॉय ने अध्यक्ष से दखल की अपील करते हुए कहा, माननीय आपके सामने ऐसा नहीं होना चाहिए। इस पर ओम बिड़ला ने कहा कि इस पर चर्चा करना जरूरी है कि क्या सदन में पोस्टर लाए जाने चाहिए? अगर इसकी अनुमति नहीं होती है तो ऐसा करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने फिर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से इस पर राय मांगी। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और रॉय ने इस बात से सहमति दिखाई कि सदन में पोस्टर लाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए हालांकि अन्य सदस्य इस पर एक राय नहीं दिखे।