{"_id":"5d36be208ebc3e6c97361852","slug":"lok-sabha-ravi-kishan-got-yash-bharti-and-50-thousand-pension-said-akhilesh-yadav","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब लोकसभा में रवि किशन ने खोली अखिलेश यादव की पोल, सदन में गूंज उठे ठहाके","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जब लोकसभा में रवि किशन ने खोली अखिलेश यादव की पोल, सदन में गूंज उठे ठहाके
Tue, 23 Jul 2019 02:06 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,नई दिल्ली
Published by: अजय सिंह
Updated Tue, 23 Jul 2019 02:06 PM IST
विज्ञापन
अखिलेश यादव(फाइल फोटो)
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगलवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सांसद रवि किशन ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि भोजपुरी पिल्मों के सुपरस्टार को ‘यश भारती’ सम्मान मिल चुका है। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पद्म पुरस्कारों को लेकर सवाल-जवाब का दौर चल रहा था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय सदस्यों के सवालों के जवाब दे रहे थे।
विज्ञापन
इस बीच सदन में प्रश्नकाल के दौरान पद्म पुरस्कारों से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछने के दौरान सपा सदस्य अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों को ‘यश भारती’ सम्मान देती थी और पेंशन के तौर पर 50 हजार रुपये मासिक की राशि भी दी जाती थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस सदन में मौजूद सदस्य रवि किशन को भी ‘यश भारती’ मिल चुका है। मेरा सवाल है कि क्या केंद्र सरकार भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित लोगों के लिए कोई सम्मान राशि देना शुरू करेगी। नित्यानंद राय ने सवाल के जवाब में ऐसे किसी प्रस्ताव से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने रवि किशन को पुकारा तो उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जी ने कहा कि मुझे यश भारती मिला। जबकि ऐसा नहीं है। मुझे न तो सपा की सरकार और न ही बसपा की सरकार में यह सम्मान मिला तथा कोई सम्मान राशि भी नहीं मिली।
इतना सुनते ही सदन में ठहाके गूंज उठे और सदस्य मेजें थपथपाने लगे। अखिलेश यादव ने इस बारे में कुछ कहना चाहा लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली।