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Polls: 10वां लोकसभा चुनाव लड़ रहे जेपी अग्रवाल ने बताया चांदनी चौक के लिए क्या करेंगे; केंद्र पर साधा निशाना
सार
भाजपा उम्मीदवार के बारे में जेपी अग्रवाल कहते हैं कि मैं जानता हूं कि वह (प्रवीण खंडेलवाल) भाजपा के उम्मीदवार हैं। भाजपा पिछले 10 वर्षों से केंद्र में है, लेकिन गरीबों के लिए काम करने में वह 100 फीसदी विफल रही है।
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जेपी अग्रवाल
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
दिल्ली की लोकसभा सीटों पर भी चुनाव प्रचार तेजी के साथ शुरू हो गया है। सभी सातों सीटों पर छठवें चरण में 25 मई को मतदान होना है। कांग्रेस ने इस बार चांदनी चौक लोकसभा सीट से दिल्ली में चार बार सांसद रहे जेपी अग्रवाल को मैदान में उतारा है। अग्रवाल इससे पहले चांदनी चौक सीट से तीन बार सांसद रह चुके हैं। खास बात यह है जेपी अग्रवाल राजधानी में सबसे उम्रदराज उम्मीदवार हैं। इनका जन्म 11 नवंबर 1944 में दिल्ली के एतिहासिक बाजार चांदनी चौक में हुआ था। वह लंबे समय से राजनीति से जुड़े हुए हैं। वे दसवीं बार लोकसभा का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। अमर उजाला डिजिटल ने चांदनी चौक लोकसभा सीट से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जेपी अग्रवाल से विशेष बातचीत की।
अमर उजाला से चर्चा में कांग्रेस उम्मीदवार जेपी अग्रवाल कहते हैं कि पिछले 10 वर्षों के दौरान क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं हुआ और एक प्रकार से संपूर्ण रूप से अंधकार छाया रहा। जब मुझे पता चला कि मुझे यहां (चांदनी चौक) से चुनाव लड़ना है, तो मैंने सोचना शुरू किया कि मुझे सबसे पहले कौन से मुद्दे उठाने चाहिए। हालांकि, मैंने देखा कि एक भी मुद्दा ऐसा नहीं था, जिस पर यहां काम शुरू हुआ हो। इसलिए अब हमें क्षेत्र के मुद्दों पर शुरू से मेहनत करनी होगी तथा पहले दिन से ही आप संसद में मेरी आवाज सुनेंगे। बीते 10 सालों में चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन संसद में ऐसा एक भी सवाल नहीं उठाया गया है, जो क्षेत्र के लोगों या व्यापारियों से संबंधित हो।
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भाजपा उम्मीदवार के बारे में जेपी अग्रवाल कहते हैं कि मैं जानता हूं कि वह (प्रवीण खंडेलवाल) भाजपा के उम्मीदवार हैं। भाजपा पिछले 10 वर्षों से केंद्र में है, लेकिन गरीबों के लिए काम करने में वह 100 फीसदी विफल रही है। भाजपा ने कभी लोकसभा में सिर्फ दो सीट जीती थीं, लेकिन आज उनकी सरकार है। इसलिए, हर चुनाव अलग होता है और समय के साथ चीजें बदलती हैं। निश्चित ही 2024 में दिल्ली की सभी सीटों पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे। हमारी सरकार ही केंद्र में बनेगी।
आप पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बारे में जेपी अग्रवाल कहते है कि केंद्र की मोदी सरकार तानाशाही रवैया रखती है। वे सरकारों को तोड़ने के लिए धन का उपयोग करते हैं, निर्वाचित नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय का दुरुपयोग करते हैं और मुख्यमंत्रियों को जेलों में डालते हैं। ये तरीका सही नहीं है और किसी को भी पसंद नहीं आता। इस सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आवाज उठाई है, इसलिए दोनों पार्टियां इस बार का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ रही हैं।
जेपी अग्रवाल कहते हैं कि चांदनी चौक लोकसभा सीट पर केवल चांदनी चौक क्षेत्र का विकास का एकमात्र मुद्दा नहीं है। पुरानी दिल्ली, जिसे शाहजहांनाबाद के नाम से भी जाना जाता था, उसकी समस्याएं अलग हैं। हमें अपने बाहरी क्षेत्रों पर काम करने की जरूरत है, जहां बहुमंजिला फ्लैट, प्लॉट क्षेत्र और जेजे क्लस्टर हैं और उनके मुद्दों को भी हल करना है। इसलिए सभी इलाकों को ध्यान में रखते हुए उनके विकास कार्य किए जाएंगे। सभी के लिए अलग से प्लान तैयार करना होगा।
अग्रवाल आगे कहते हैं कि किसी जगह के सौंदर्यीकरण का मतलब उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अनुकूल माहौल बनाना है। मेरा मानना है कि (चांदनी चौक के) सौंदर्यीकरण से थोक बाजार में लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं में सुधार होगा, जो शायद एशिया में सबसे बड़े बाजारों में से एक है। बाजारों को उजाड़ना, व्यापारियों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और अलग-अलग कानून थोपना मेरी नजर में सौंदर्यीकरण नहीं है।
अग्रवाल ने राजनीति की शुरुआत साल 1983 में दिल्ली नगर निगम से की थी। उस समय वह पार्षद चुने गए थे। फिर दिल्ली नगर निगम के डिप्टी मेयर बने। इसके बाद कांग्रेस ने 1994 में हुए लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत कर वह पहली बार लोकसभा पहुंचे। फिर दूसरी बार 1989 के लोकसभा चुनाव भी जीते। हालांकि, 1991 में वह चुनाव हार गए, लेकिन 1996 के चुनाव में उन्होंने दोबारा से जीत दर्ज की। जेपी अग्रवाल को कांग्रेस ने साल 2006 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। वह 2009 तक राज्यसभा सांसद रहे और फिर 2009 के लोकसभा चुनावों में उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से जीत कर संसद पहुंच गए।
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अमर उजाला से चर्चा में कांग्रेस उम्मीदवार जेपी अग्रवाल कहते हैं कि पिछले 10 वर्षों के दौरान क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई विकास कार्य नहीं हुआ और एक प्रकार से संपूर्ण रूप से अंधकार छाया रहा। जब मुझे पता चला कि मुझे यहां (चांदनी चौक) से चुनाव लड़ना है, तो मैंने सोचना शुरू किया कि मुझे सबसे पहले कौन से मुद्दे उठाने चाहिए। हालांकि, मैंने देखा कि एक भी मुद्दा ऐसा नहीं था, जिस पर यहां काम शुरू हुआ हो। इसलिए अब हमें क्षेत्र के मुद्दों पर शुरू से मेहनत करनी होगी तथा पहले दिन से ही आप संसद में मेरी आवाज सुनेंगे। बीते 10 सालों में चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन संसद में ऐसा एक भी सवाल नहीं उठाया गया है, जो क्षेत्र के लोगों या व्यापारियों से संबंधित हो।
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भाजपा उम्मीदवार के बारे में जेपी अग्रवाल कहते हैं कि मैं जानता हूं कि वह (प्रवीण खंडेलवाल) भाजपा के उम्मीदवार हैं। भाजपा पिछले 10 वर्षों से केंद्र में है, लेकिन गरीबों के लिए काम करने में वह 100 फीसदी विफल रही है। भाजपा ने कभी लोकसभा में सिर्फ दो सीट जीती थीं, लेकिन आज उनकी सरकार है। इसलिए, हर चुनाव अलग होता है और समय के साथ चीजें बदलती हैं। निश्चित ही 2024 में दिल्ली की सभी सीटों पर इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार जीत दर्ज करेंगे। हमारी सरकार ही केंद्र में बनेगी।
आप पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के बारे में जेपी अग्रवाल कहते है कि केंद्र की मोदी सरकार तानाशाही रवैया रखती है। वे सरकारों को तोड़ने के लिए धन का उपयोग करते हैं, निर्वाचित नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय का दुरुपयोग करते हैं और मुख्यमंत्रियों को जेलों में डालते हैं। ये तरीका सही नहीं है और किसी को भी पसंद नहीं आता। इस सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आवाज उठाई है, इसलिए दोनों पार्टियां इस बार का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ रही हैं।
जेपी अग्रवाल कहते हैं कि चांदनी चौक लोकसभा सीट पर केवल चांदनी चौक क्षेत्र का विकास का एकमात्र मुद्दा नहीं है। पुरानी दिल्ली, जिसे शाहजहांनाबाद के नाम से भी जाना जाता था, उसकी समस्याएं अलग हैं। हमें अपने बाहरी क्षेत्रों पर काम करने की जरूरत है, जहां बहुमंजिला फ्लैट, प्लॉट क्षेत्र और जेजे क्लस्टर हैं और उनके मुद्दों को भी हल करना है। इसलिए सभी इलाकों को ध्यान में रखते हुए उनके विकास कार्य किए जाएंगे। सभी के लिए अलग से प्लान तैयार करना होगा।
अग्रवाल आगे कहते हैं कि किसी जगह के सौंदर्यीकरण का मतलब उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए अनुकूल माहौल बनाना है। मेरा मानना है कि (चांदनी चौक के) सौंदर्यीकरण से थोक बाजार में लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं में सुधार होगा, जो शायद एशिया में सबसे बड़े बाजारों में से एक है। बाजारों को उजाड़ना, व्यापारियों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और अलग-अलग कानून थोपना मेरी नजर में सौंदर्यीकरण नहीं है।
अग्रवाल ने राजनीति की शुरुआत साल 1983 में दिल्ली नगर निगम से की थी। उस समय वह पार्षद चुने गए थे। फिर दिल्ली नगर निगम के डिप्टी मेयर बने। इसके बाद कांग्रेस ने 1994 में हुए लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक लोकसभा सीट से मैदान में उतारा। इस चुनाव में जीत कर वह पहली बार लोकसभा पहुंचे। फिर दूसरी बार 1989 के लोकसभा चुनाव भी जीते। हालांकि, 1991 में वह चुनाव हार गए, लेकिन 1996 के चुनाव में उन्होंने दोबारा से जीत दर्ज की। जेपी अग्रवाल को कांग्रेस ने साल 2006 में राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। वह 2009 तक राज्यसभा सांसद रहे और फिर 2009 के लोकसभा चुनावों में उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से जीत कर संसद पहुंच गए।