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ओम बिरला को राहुल गांधी ने लिखा पत्र: सरकार के इशारे पर आपने बोलने से रोका, यह लोकतंत्र पर काला धब्बा

Tue, 03 Feb 2026 06:56 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 03 Feb 2026 06:56 PM IST
सार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा, जिसमें कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोकना लोकतंत्र पर कलंक है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा की संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।

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Lok Sabha LoP and Congress Leader MP Rahul Gandhi writes letter to Lok Sabha Speaker Om Birla
राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद। - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से उन्हें रोकना लोकतंत्र के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चर्चा को रोकने का प्रयास है।

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राहुल गांधी ने अपने पत्र में लिखा 'कल जब मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान बोल रहा था, तो आपने मुझे उस पत्रिका की प्रमाणिकता सत्यापित करने को कहा, जिसका मैं हवाला देना चाहता था। मैंने आज अपने भाषण की शुरुआत में दस्तावेज को प्रमाणित कर दिया। परंपरा के अनुसार, एक सदस्य जो किसी दस्तावेज का हवाला देना चाहता है, उसे उसका प्रमाणिकरण करना होता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद स्पीकर सदस्य को दस्तावेज का हवाला देने की अनुमति देते हैं। इसके बाद इसका जवाब सरकार की जिम्मेदारी होती है और अध्यक्ष का कर्तव्य समाप्त हो जाता है।'
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सदन पर बोलने से रोकना लोकतंत्र पर कलंक
उन्होंने आगे कहा मुझे लोकसभा में बोलने से रोकना केवल इस परंपरा का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि विपक्ष के नेता के रूप में मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर बोलने से रोकने का जानबूझकर प्रयास किया गया। राष्ट्रपति के अभिभाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा एक मुख्य विषय था, जिस पर संसद में चर्चा होना आवश्यक है। राहुल गांधी ने स्पीकर को याद दिलाया कि संसद में सभी सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी संवैधानिक और संसदीय जिम्मेदारी है। उन्होंने लिखा कि विपक्ष के नेता और हर सदस्य को बोलने का अधिकार लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है।

पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह के अधिकारों से वंचित किए जाने की वजह से संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई, जब सरकार के कहने पर स्पीकर ने विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर कलंक बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।


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मैं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर बोलना चाहता हूं- राहुल गांधी
इससे पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा 'राष्ट्रपति के भाषण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है। पाकिस्तानियों, चीनियों और हमारे बीच के संबंध। इस लेख में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है जिसकी मैंने पुष्टि की है। यह प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में बात करता है... हमारे राष्ट्रपति का भाषण उस मार्ग के बारे में था जिस पर भारत को आज चलना है। विश्व मंच पर, अंतरराष्ट्रीय मामलों का मुख्य मुद्दा चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष है। यह हमारे राष्ट्रपति के भाषण का केंद्र बिंदु है। मैं बस इतना कह रहा हूं कि मुझे चीन और भारत के बीच जो हुआ और हमारे प्रधानमंत्री ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, उस पर एक बयान देने दीजिए। मुझे क्यों रोका जा रहा है?'

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