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पश्चिम बंगाल में सात चरणों में चुनाव का विपक्ष ने किया स्वागत, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
Mon, 11 Mar 2019 12:30 AM IST
आसिम खान
भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता
Published by: आसिम खान
Updated Mon, 11 Mar 2019 12:30 AM IST
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भारत निर्वाचन आयोग
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पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने राज्य में सात चरणों में लोकसभा चुनाव कराए जाने का रविवार को स्वागत किया और कहा कि यह राज्य में ‘खराब होती’ कानून एवं व्यवस्था की स्थिति दर्शाता है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि रमजान का महीना होने और अप्रैल तथा मई में गर्मी होने के चलते इतनी लंबी चुनाव प्रक्रिया से लोगों पर दबाव पड़ेगा।
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निर्वाचन आयोग ने रविवार को एलान किया कि पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल को शुरू होंगे और 19 मई तक सात चरणों में मतदान होगा। 23 मई को मतगणना होगी। माकपा पोलितब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम ने राज्य में पिछले साल पंचायत चुनावों के दौरान हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, ‘सात चरणों का चुनाव राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति दर्शाता है कि कैसे लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोका गया।’
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सलीम ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि मतदान स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से होगा और निर्वाचन आयोग निष्पक्ष, सक्रिय तथा जवाबदेह होगा।’ भाजपा और कांग्रेस की प्रदेश इकाईयों ने भी लोकसभा चुनाव का स्वागत किया। भाजपा नेता मुकुल रॉय ने कहा, ‘यह पश्चिम बंगाल में जिस तरह की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति है, उसे दिखाता है।’
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पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने भी माकपा और भाजपा जैसे विचार दिए। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फरहाद हकीम ने कहा कि पार्टी सात चरणों में चुनाव को लेकर ‘चिंतित’ नहीं है। कोलकाता के महापौर हकीम ने कहा, ‘इतनी लंबी अवधि से लोगों पर काफी दबाव बढ़ेगा क्योंकि इसकी तारीखें रमजान के महीने और गर्मी के मौसम में पड़ रही है।’