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जब इंदिरा गांधी को प्रचार के दौरान नाक पर लगा पत्थर...लेकिन जारी रहा भाषण
Fri, 05 Apr 2019 08:22 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 05 Apr 2019 08:22 PM IST
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इंदिरा गांधी को उड़ीसा (ओडिशा) में चुनाव प्रचार में लगा था पत्थर
- फोटो : social Media
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बात फरवरी 1967 के लोकसभा चुनाव की है। लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा गांधी की अगुवाई में चुनाव हो रहा था। यही वह समय था जब उनके लिए गूंगी गुड़िया जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। हालांकि वह जहां जाती थी उन्हें सुनने वालों की भारी भीड़ उमड़ती थी।
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ऐसे ही एक प्रचार के दौरान इंदिरा उड़ीसा पहुंची थीं। राजधानी भुवनेश्वर में उनकी सभा थी। उस जमाने में उड़ीसा स्वतंत्र पार्टी का गढ़ हुआ करता था। इंदिरा ने जैसे ही बोलना शुरू किया कुछ उपद्रवियों ने पहले तो विरोध मेें नारेबाजी की और इसके बाद पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
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स्थानीय नेता इंदिरा को भाषण समाप्त करने के लिए कहते रहे, लेकिन वह नहीं रुकीं। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा 'क्या आप इसी तरह देश बनाएंगे? क्या आप इसी तरह के लोगों को वोट देंगे। इसी दौरान एक पत्थर उनकी नाक पर लगा और खून निकलने लगा, उन्होंने दोनों हाथों से बहते खून को पोछा। उनकी नाक की हड्डी टूट गई थी, लेकिन उन्होंने बोलना जारी रखा।
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उड़ीसा के बाद इंदिरा ने कोलकाता में जनसभा की। दिल्ली पहुंचने पर उनकी नाक की सर्जरी करनी पड़ी। इसके बाद कई दिनों तक उन्हें पट्टी बांधकर प्रचार करना पड़ा।