Lok Sabha Election: दक्षिण में पत्थर पर लकीर खीचेंगे मोदी! 400 का आंकड़ा छूने में ऐसे मदद करेगा 'मिशन साउथ'
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भी दोहराया है कि भाजपा इस चुनाव में 400 सीटों का आंकड़ा पार कर तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है। 400 सीटों को पार करने के दावों को केवल चुनावी जुमला ही माना जा रहा था। आलोचकों का मानना था कि केवल उत्तर भारतीय राज्यों में सिमटी भाजपा के लिए चार सौ सीटों का आंकड़ा पार कर पाना संभव नहीं है।
लेकिन भाजपा ने जिस तरह दक्षिण भारत के राज्यों में अपने समीकरण ठीक करने शुरू किए हैं, माना जा रहा है कि पार्टी 400 सीटों की संख्या पार कर सकती है। यानी प्रधानमंत्री मोदी का 400 सीटों का वादा चुनावी जुमला नहीं, बल्कि भाजपा की ठोस रणनीति पर आधारित अनुमान था, जिसकी परतें अब खुलनी शुरू हुई हैं।
पत्थर पर लकीर खींचना मोदी के हवाले
भाजपा के एक नेता के अनुसार, पार्टी नेताओं की एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका इशारा कर दिया था। नेता के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा था कि पत्थर पर लकीर वे स्वयं खींचेंगे, जबकि मक्खन पर लकीर खींचने का काम पार्टी के दूसरे नेताओं को करना है। नेता के अनुसार, प्रधानमंत्री का आशय था कि दक्षिण के मुश्किल मिशन पर जीत हासिल करने का काम वे स्वयं करेंगे, जबकि उत्तर भारत के राज्यों में जहां पार्टी बहुत मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी है, वहां जीत हासिल करने का काम पार्टी के दूसरे नेताओं को करना है। इस बैठक के बाद ही प्रधानमंत्री ने दक्षिण भारत में अपने दौरों को अचानक बढ़ा दिया था।
आंध्र, ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना में मजबूत
आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस की स्थिति कुछ कमजोर होती दिख रही है। इसका सीधा लाभ तेलगुदेशम पार्टी को मिल सकता है, जो एनडीए में लगभग आ चुकी है। इसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पवन कल्याण की लोकप्रियता भी आंध्र प्रदेश में एनडीए को मजबूती दे सकती है। भाजपा लगभग पांच सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जिसमें दो सीटों पर उसकी संभावना ज्यादा मजबूत हो सकती है। भाजपा नेताओं का मानना है कि इससे दक्षिण के इस बेहद महत्वपूर्ण राज्य में भाजपा को लाभ मिल सकता है।
अब तक यह तय हो चुका है कि तेलंगाना में भाजपा बीआरएस के साथ चुनाव में नहीं जाएगी, लेकिन इसके बाद भी राज्य में उसे नौ से दस सीटों के जीतने का अनुमान है। ओडिशा में बीजू जनता दल के साथ में आने की संभावना बन चुकी है। इसकी घोषणा कभी भी हो सकती है। भाजपा नेताओं का मानना है कि बीजू जनता दल के साथ आने से एनडीए राज्य की सभी 21 सीटों पर जीत हासिल कर सकता है। यानी दक्षिण में भी भाजपा उत्तर भारत की तरह क्लीन स्वीप कर सकती है।
तमिलनाडु और केरल में पार्टी के लिए अभी जीत की राह आसान नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद भी इन राज्यों में पार्टी अपने लिए दो से तीन सीटों पर जीत हासिल करने का अनुमान लगा रही है। पार्टी का अनुमान है कि जिस तरह केरल के कई प्रभावशाली ईसाई नेता उसके साथ आए हैं, हिंदू मतदाताओं के साथ जुड़ने पर उसे इसका लाभ मिल सकता है। यानी इस बार केरल से भी राजनीतिक पंडितों के लिए भाजपा के संदर्भ में चौंकाने वाले परिणाम आ सकते हैं।
25 से 30 रैली करेंगे प्रधानमंत्री
माना जा रहा है कि एक सप्ताह में चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव 2024 की घोषणा कर सकता है। इसके बाद प्रधानमंत्री अकेले दक्षिणी भारत के राज्यों में 25 से 30 रैलियां कर सकते हैं। इसका लाभ केवल भाजपा को ही नहीं मिलेगा, बल्कि एनडीए गठबंधन में शामिल दलों को भी इसका लाभ मिल सकता है। इस तरह भाजपा चार सौ के आंकड़े को पार कर सकती है।