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Lok Sabha Election 2024: तीसरे चरण से होगी जोरदार लड़ाई, भाजपा के गढ़ में घुसने लगा है चुनाव प्रचार

Sat, 27 Apr 2024 01:02 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sat, 27 Apr 2024 01:02 PM IST
सार

लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान का कोई सानी नहीं है। प्रधानमंत्री हर रोज औसतन तीन या चार जनसभा अथवा रोड शो कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों में उन्होंने करीब 25 जनसभाएं की हैं। 

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Lok Sabha Election 2024 Third Phase Voting Polling Campaign BJP Congress news and updates
लोकसभा चुनाव 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो चरणों के मतदान के बाद 191 सीटों पर प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में रिकार्ड हो चुका है। लेकिन अब चुनाव धीरे-धीरे उस ओर बढ़ रहा है, जहां 2019 में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने रिकॉर्ड सफलता पाई थी। इसलिए तीसरे चरण के लिए 07 मई को 94 सीटों के लिए होने वाले मतदान तक लोकसभा चुनाव 2024 के पूरे रंग में आ जाने के आसार हैं। तीसरे चरण में असम की 04, बिहार की 05, छत्तीसगढ़ की 07, मध्यप्रदेश की 09, महाराष्ट्र की 11, दादर-नगर हवेली और दमन-दीव में दो सीटें, गोवा की 2 सीटें, कर्नाटक की शेष बची 14, जम्मू-कश्मीर की 1 सीट, प. बंगाल की 04, गुजरात की 25 और उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए मतदान होना है।
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इनमें मध्यप्रदेश की बैतूल सीट से बसपा प्रत्याशी के निधन के बाद चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया है। चुनाव के चरणों के हिसाब से देखें, 2019 के मुकाबले 2024 के पहले चरण की 102 सीटों में से एनडीए ने 49 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि विपक्ष के खाते में 45 सीटें आई थीं। दूसरे चरण की 88 सीटों में एनडीए को 58 पर सफलता मिली थी। भाजपा ने अकेले 50 सीटें जीत ली थीं। इसमें कांग्रेस को 21 और अन्य विपक्ष को 9 सीटों पर सफलता मिली थी। देखना होगा कि 2024 में सत्ता पक्ष और विपक्ष में कौन पुराने आंकड़े में कितना बदलाव कर पाता है।
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विपक्ष के पास सीटें पाने और सत्ता पक्ष के पास बचाने की चुनौती
तीसरे चरण में 94 में से 93 सीटों पर 7 मई को मतदान होगा। तीसरे चरण में चुनाव प्रचार काफी तेज होने के आसार हैं। इनमें से 2019 में अधिकांश सीटें एनडीए के पाले में थीं। तीसरे चरण में ही गुजरात की सभी 26 सीटों के लिए मतदान होना है। सभी भाजपा के पास थीं। मध्यप्रदेश की सभी 08, बिहार की 05, छत्तीसगढ़ की 7 में 6 सीट भाजपा के पास थीं। केवल कोरबा से कांग्रेस को सफलता मिली थी। महाराष्ट्र की सभी 11 सीटों पर भाजपा के सामने इस बार चुनाव में कड़ी चुनौती है। कर्नाटक की 14 सीटों की चुनौती ने भी भाजपा का पारा चढ़ा रखा है। सामने हार और जीत की लड़ाई है। तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर मतदान होना है। इनमें समाजवादी पार्टी के पास संभल और मैनपुरी की सीट थी। हालांकि 2019 में 8 सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी सफल हुए थे। ऐसे में देखना होगा कि विपक्ष तीसरे चरण में भाजपा और उसके सहयोगी दलों से कितनी सीटें छीन पाता है।      
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तीसरे चरण तक सभी बड़े दिग्गज प्रत्याशी आ जाएंगे चुनावी मैदान में
समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कन्नौज से नामांकन कर दिया है। 01 मई को राहुल गांधी अमेठी का दौरा कर नामांकन कर सकते हैं। 02 मई को प्रियंका गांधी रायबरेली की सीट से नामांकन करने की तैयारी कर रही हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ से प्रत्याशी होंगे। स्मृति ईरानी अमेठी से और मेनका गांधी सुल्तानपुर से। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस से चुनावी मैदान में होंगे। इसमें अभी भी केवल राहुल और प्रियंका को अमेठी और रायबरेली से प्रत्याशी बनाने को लेकर कांग्रेस ने पत्ते नहीं खोले हैं। माना जा रहा है कि अगले एक दो दिनों में कांग्रेस इसकी घोषणा कर देगी। इसके साथ-साथ भाजपा भी बहुप्रतीक्षित रायबरेली और कैसरगंज की बृजभूषण शरण सिंह की सीट पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर देगी।


अभी तक तो प्रधानमंत्री हैं सबसे बड़े लड़ैया
लोकसभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रचार अभियान का कोई सानी नहीं है। प्रधानमंत्री हर रोज औसतन तीन या चार जनसभा अथवा रोड शो कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों में उन्होंने करीब 25 जनसभाएं की हैं। प्रधानमंत्री हर तीसरे दिन विपक्ष को अपने किसी न किसी बयान से घेर लेते हैं। हाल में उन्होंने राजस्थान के बांसवाड़ा से कांग्रेस के समान संपत्ति वितरण के चुनावी वादे को मंगलसूत्र से जोड़ कर बड़ा मुद्दा बना दिया था। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को मुस्लिम लीग के वादे और एजेंडे से जोड़कर राजनीतिक अवधारणा में बदलाव की कोशिश की थी। हालांकि प्रधानमंत्री के बयानों पर विपक्ष ने कड़ा प्रतिवाद किया। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव का तंज भी चर्चा का विषय बना कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी का मंगलसूत्र से क्या लेना देना? कांग्रेस महासचिव के जवाबी हमले ने सहानुभूति बटोरी। प्रियंका ने कहा कि उनकी मां का मंगलसूत्र देश के लिए कुर्बान हुआ।
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