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LS Polls 2024: राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव बोले- केंद्र सरकार का आशीर्वाद जरूरी, इसलिए अजित पवार NDA में
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राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव से खास बातचीत।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
जिस घोटाले की बात पर एनसीपी के मुखिया अजित पवार को घेरा जाता है, उसका कोई सिर-पैर नहीं हैं। उनके विभाग का बजट ही तेरह हजार करोड़ रुपये का था। सत्तर हजार करोड़ रुपये के घोटाला कहां से हो गया होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह बात मानी। रही बात एनडीए में शामिल होने की, तो केंद्र सरकार का राज्य के विकास में आशीर्वाद जरूरी है। महाराष्ट्र में विकास डबल इंजन की सरकार से ही होगा। उसी विकास को लेकर शिवसेना के साथ एनसीपी एक होकर मोदी के अगले 25 साल के डेवलपमेंट के ब्लूप्रिंट के साथ आगे बढ़ रही है और महायुति की पूरे महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सीटें होंगी। यह कहना है अजित पवार की एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव और महाराष्ट्र में चुनाव की कमान संभालने वाले बृजमोहन श्रीवास्तव का। अमर उजाला डॉट कॉम ने उनसे विशेष बातचीत की। पेश है इस बातचीत के अंश।सवाल: पहला चुनाव है आपका, जब शरद पवार और अजित पवार अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। कुछ चुनौती लग रही है क्या?
जवाब: कोई चुनौती नहीं है। सबको पता है कि अजित दादा कितनी मेहनत से महाराष्ट्र में मेहनत कर रहे थे। संगठन से लेकर डेवलपमेंट तक के लिए मेहनत कर रहे थे। प्रदेश की जनता ने आदेश दिया और कहा कि आप एनसीपी संभालो।
सवाल: लेकिन अजित दादा को काम करने का खुला हाथ तो शरद पवार ने दिया था। ऐसा नहीं लगता है कि पार्टी की टूट से लोग भी नाराज होंगे।
जवाब: पार्टी में टूट कहां हुई। सभी लोग तो पार्टी में ही हैं। देखो आप, अजित दादा के साथ सब लोग हैं। रही बात खुला हाथ देने की, तो उन्होंने काम किया है और करके दिखाया है। आप तो घूम के आए हो महाराष्ट्र के बहुत से जिलों में। बारामती का विकास देखा या नहीं। अजित दादा ने जो काम किया, वह अब तक उनके इलाके में और महाराष्ट्र में किसी ने नहीं किया। इसके अलावा सबको आगे बढ़ने का हक है। अगर अजित दादा को मौका मिला, तो उन्होंने साबित भी कर दिया।
सवाल: अजित पवार पर विपक्ष घोटालों का आरोप लगाता है। कहा जाता है अजित पवार ईडी और सीबीआई के डर से एनडीए में आए हैं?
जवाब: बिल्कुल नहीं। जब कोई घोटाला ही नहीं हुआ, तो ईडी और सीबीआई का डर कहां से आया। रही बात घोटाले की तो सुनिए। एक होता है शिकायत करना, दूसरा पहलू होता शिकायत की जांच होना और तीसरा जांच में आरोपों का साबित हो जाना। तो शिकायत कोई किसी की भी कर सकता है। जांच में साबित होना और दोष सिद्ध होना ही दोषी हुआ न। फिर कहां हुआ ऐसा। एक जांच चल रही हो, हमारे नेता के खिलाफ तो बताइए। इसलिए न कोई घोटाला हुआ और न ही कोई ईडी-सीबीआई का डर। जिस विभाग का बजट ही तेरह हजार करोड़ हो, वहां सत्तर हजार करोड़ रुपये का घोटाला बताया जाता रहा। यह बात तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो पता चली, तो उन्होंने भी माना।
सवाल: आपसे भी चुनाव में लोग पूछते होंगे कि एनडीए में क्यों गए? अभी तक आप महाअविकास अघाड़ी का हिस्सा थे।
जवाब: प्रदेश के विकास और प्रदेश को आगे बढ़ाने की ललक ही एनडीए के साथ जोड़ कर आगे लाई। 2004 में भी तो हम लोग प्रदेश के विकास के लिए यूपीए के साथ जुड़े थे। अब जब पूरा देश और दुनिया मोदी के साथ है और आगे बढ़ रही है, तो महाराष्ट्र क्यों पीछे रहे। प्रदेश को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार के आशीर्वाद की जरूरत होती है। मोदी जी के अगले 25 साल के डेवलपमेंट का जो ब्लूप्रिंट है, वह जबरदस्त है। हम उनके विकास के मॉडल और अपनी विचारधारा के साथ लगातार प्रदेश के हित में काम करते रहेंगे।
सवाल: एनडीए के साथ गठबंधन तो चलेगा न आपका?
जवाब: देखिए अभी तो हम लोग चाहेंगे कि उनके साथ लंबे समय तक कम करें। और उसका फायदा महाराष्ट्र को मिले। आम आदमी को मिले। और हम लोग इसमें कोई रुकावट भी नहीं बनने वाले और न ही कोई मांग करने वाले हैं। इसलिए हम लोग एनडीए के साथ बने रहेंगे और प्रदेश के विकास को आगे बढ़ते रहेंगे।
सवाल: आपके हिस्से पांच सीटें आई हैं महाराष्ट्र में। क्या है सभी सीटों का हाल। कितनी सीटें जीतेंगे?
जवाब: हम चारों सीटें जीतेंगे। पांच सीटें एनसीपी के हिस्से आई थीं। एक सीट हमारी ओर से एक निर्दलीय के लिए छोड़ी गई है। वहां भी जीतेंगे।
सवाल: जिस लोकसभा सीट पर कभी अजित दादा, सुप्रिया ताई के लिए सियासी फील्डिंग सजाते थे, इस बार वे अपनी पत्नी के लिए मैदान में थे। देश में बारामती सीट पर सबकी निगाहें हैं। दोनों पवार आमने-सामने हैं।
जवाब: देखिए बारामती सीट सुनेत्रा पवार जीत रही हैं। मंगलवार को मतदान हो गया है। अब आप परिणाम देखिएगा। वहां पर जितना काम अजित पवार ने कराया है, उसके बलबूते ही वो बंपर वोटों से चुनाव जीतने जा रहे हैं।